कृषि समाचार

Seed Production Farming : धान-सब्जी छोड़ बीज उत्पादन अपनाया, प्रति एकड़ कमाई में 75% का उछाल

Seed Production Farming खेती में मेहनत के बाद भी बाजार भाव की अनिश्चितता और मौसम की मार से परेशान किसानों के लिए बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ढाबाडीह गांव के किसानों ने कमाई बढ़ाने का रास्ता दिखाया है। यहां के किसानों ने परंपरागत धान और सब्जी की खेती के साथ बीज उत्पादन को अपनाया। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और कंपनी के साथ अनुबंध के जरिए उन्होंने 25 एकड़ में गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन शुरू किया। इसका असर उनकी आय पर पड़ा और प्रति एकड़ शुद्ध कमाई एक लाख रुपये से बढ़कर करीब 1.75 लाख रुपये तक पहुंच गई। यानी किसानों की आय में लगभग 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

परंपरागत कृषि छोड़ बीज उत्पादक बने किसान, आय में 75 प्रतिशत का हुआ इजाफा

Seed Production Farming पहले से तय कीमत पर मिलेगा दाम

ग्राम ढाबाडीह के किसान रूपेन्द्र साहू, उमा साहू, राजाराम एक्का और प्रमिला साहू पहले परंपरागत तरीके से धान और सब्जियों की खेती (Seed Production Farming)  करते थे। मौसम की मार और बाजार में भाव के उतार-चढ़ाव के कारण उनकी कमाई निश्चित नहीं रहती थी। इस समस्या का समाधान तलाशते हुए उन्होंने उद्यानिकी विभाग, भाटापारा के अधिकारियों से संपर्क किया।

विभाग के मार्गदर्शन में किसानों ने एक प्रमुख बीज कंपनी के साथ अनुबंध किया और सामूहिक रूप से बीज उत्पादन (Seed Production Farming) शुरू किया। अनुबंध के कारण फसल का दाम पहले से तय रहता है। इससे बाजार में कीमत गिरने का जोखिम कम हुआ और किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर आर्थिक योजना बनाने में मदद मिली।

 

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परंपरागत कृषि छोड़ बीज उत्पादक बने किसान, आय में 75 प्रतिशत का हुआ इजाफा

एक एकड़ में 75 हजार रुपये तक ज्यादा बचत

किसानों के मुताबिक, पहले आठ हेक्टेयर में सब्जियां और दो हेक्टेयर में धान की खेती से प्रति एकड़ करीब एक लाख रुपये का मुनाफा होता था। अब नौ हेक्टेयर में सब्जी और बीज उत्पादन की व्यवस्था के जरिए प्रति एकड़ करीब 1.75 लाख रुपये की बचत हो रही है। इस तरह प्रति एकड़ कमाई में लगभग 75 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

आधुनिक तकनीकों और सामूहिक खेती से मजदूरी पर होने वाला खर्च भी कम हुआ है। बीज उत्पादन से बढ़ी कमाई (Seed Production Farming) ने किसानों को खेती के ऐसे विकल्प की ओर बढ़ने का अवसर दिया है, जिसमें पहले से तय कीमत और बेहतर प्रबंधन से आर्थिक जोखिम कम किया जा सकता है।

 

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बारिश में बीज सुखाने के लिए सोलर ड्रायर

बीज की गुणवत्ता बनाए रखने और बारिश के दौरान उसे सुखाने की समस्या दूर करने के लिए उद्यानिकी विभाग ने किसानों को दो क्रॉप सोलर ड्रायर उपलब्ध कराए हैं। इससे बीज सुखाने में मदद मिलेगी और मौसम के कारण होने वाली परेशानियां कम करने में सहूलियत होगी।

बीज उत्पादन में गुणवत्ता महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। आधुनिक बीज उत्पादन तकनीक (Seed Production Farming) अपनाने से खेती की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में भी मदद मिलती है।

 

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आसपास के किसान भी दिखा रहे रुचि

ढाबाडीह के किसानों की सफलता से आसपास के गांवों के किसान भी प्रभावित हो रहे हैं। अब वे भी परंपरागत खेती के साथ आधुनिक बीज उत्पादन और अनुबंध आधारित कृषि के विकल्पों में रुचि दिखा रहे हैं।

किसानों के लिए यह मॉडल इस बात का उदाहरण है कि फसल के चयन, बाजार से जुड़ाव, तकनीक और लागत प्रबंधन पर ध्यान देकर खेती से होने वाली आय बढ़ाने की संभावनाएं तलाश की जा सकती हैं। अनुबंध आधारित खेती (Seed Production Farming) किसानों को बाजार की अनिश्चितता से निपटने का एक विकल्प देती है।

 

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