NTPC Lara Sewing Training : सिलाई प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बनेंगी ग्रामीण महिलाएं, एनटीपीसी लारा ने बांटी सिलाई मशीनें
NTPC Lara Sewing Training एक सुई, एक धागा और नई शुरुआत के साथ एनटीपीसी लारा पुसौर रायगढ़ के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। कंदागढ़ में आयोजित दो माह के सिलाई प्रशिक्षण (NTPC Lara Sewing Training) के समापन पर 30 महिलाओं को प्रमाण-पत्र और सिलाई मशीनें वितरित की गईं। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को कौशल के साथ स्वरोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।

महिलाओं ने लिया सिलाई का प्रशिक्षण
महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और सतत आजीविका को बढ़ावा देने के लिए एनटीपीसी लारा की सीएसआर पहल के तहत कंदागढ़ गांव में दो माह का सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम (NTPC Lara Sewing Training) आयोजित किया गया। इसमें कंदागढ़ और झिलिगितार गांव की 30 महिलाओं ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को सिलाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे सीखे हुए कौशल का उपयोग आय अर्जित करने के लिए कर सकें।
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प्रमाण-पत्र के साथ सिलाई मशीनें मिलीं
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागी महिलाओं को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र और सिलाई मशीनें वितरित की गईं। इससे महिलाओं को अपने कौशल का उपयोग स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हुए। सिलाई प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता (NTPC Lara Sewing Training) की दिशा में महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिला है।
इस अवसर पर प्रेरिता महिला समिति की अध्यक्ष रेखा ठाकुर उपस्थित रहीं। उन्होंने महिलाओं को अपने कौशल को लगातार विकसित करने और प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी का व्यावहारिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ऑनलाइन माध्यमों से लगातार सीखने और नए कौशल अर्जित करने पर भी जोर दिया।

बोदाझरिया में नए प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत
इसी क्रम में बोदाझरिया में नए सिलाई प्रशिक्षण केंद्र (NTPC Lara Sewing Training) का उद्घाटन भी रेखा ठाकुर की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में प्रेरिता महिला समिति की वरिष्ठ सदस्य, पंचायत प्रतिनिधि (PRI) सदस्य और स्थानीय ग्रामीणजन मौजूद रहे। नया केंद्र ग्रामीण महिलाओं को उनके समुदाय के नजदीक ही कौशल विकास का अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
कौशल के साथ बढ़ेगा आत्मविश्वास
सिलाई प्रशिक्षण जैसी पहलें महिलाओं को केवल तकनीकी कौशल देने तक सीमित नहीं हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास, स्वरोजगार, उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता की संभावनाएं भी मजबूत होती हैं। प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं अपने कौशल का उपयोग कर परिवार की आय में योगदान देने और स्वयं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
कंदागढ़ और बोदाझरिया में किए गए ये प्रयास ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। एनटीपीसी लारा की सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण महिला कौशल विकास (NTPC Lara Sewing Training) और सतत आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।











