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Dhan kharidi news :- पिछले साल धान बेचने वाले दो हजार किसानों का पंजीयन ही नहीं

राजधानी टाइम्स छत्तीसगढ़ :- एग्रीस्टेक में जानकारी नहीं दे सके, जमीन के रिकॉर्ड में गफलत होने का अंदेशा

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रायगढ़। इस बार धान खरीदी के पहले किसानों का डाटा कई स्तरों पर फिल्टर किया जाएगा। एग्रीस्टेक में पंजीयन के आधार पर ही धान बेच सकेंगे। बताया जा रहा है कि करीब दो हजार किसान ऐसे हैं, जिन्होंने पिछले साल धान बेचा है लेकिन इस बार पंजीयन नहीं हो पा रहा है। हर साल अरबों का धान खरीदने वाली सरकार को उठाव के बाद भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इस बार नुकसान कम करने के लिए पंजीयन को सख्त किया गया है। एग्रीस्टेक पंजीयन में किसान की पूरी जानकारी डाली जा रही है। डिजिटल क्रॉप सर्वे से उसके खेत में जाकर फोटो सहित एंट्री की जा रही है

तीसरा राजस्व विभाग और कृषि विभाग द्वारा गिरदावरी की जा रही है। इनके रिकॉर्ड मिलान करने के बाद एक डाटा मिलेगा जो तकरीबन सही होगा। इसके हिसाब से धान खरीदा जाएगा। पिछले साल धान बेचने वाले किसानों का पंजीयन एग्रीस्टेक में ही अलग से हो रहा है। रायगढ़ जिले में वर्ष 24-25 में 73295 किसानों ने धान बेचा था। इसमें से 71203 का पंजीयन हो चुका है। 2092 किसान ऐसे हैं जिनका पंजीयन नहीं हो पा रहा है। अभी भी इनकी व्यक्तिगत जानकारी में सबकुछ मिलान नहीं हो पा रहा है। भूमि के संबंध में किसान की जानकारी अधूरी है। इसलिए इतने किसान पंजीयन से बच गए हैं।

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केवल स्वयं की जमीन की ही एंट्री

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सबसे बड़ी दिक्कत उन जमीनों की है जिनको किसान अधिया, रेगहा में लेकर खेती करते हैं। इसके अलावा वन अधिकार पट्टे और बिना नाम दुरुस्ती के कृषि कार्य करने वाले भी हैं। तकनीकी रूप से इन जमीनों के पट्टे में किसान का नाम नहीं होता। इसलिए पंजीयन में सख्त नियम बनाए गए हैं। बिना एग्रीस्टेक पंजीयन के कोई किसान धान नहीं बेच सकेगा

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