छत्तीसगढ़

Barnavapara Spotted Deer Death : बारनावापारा अभयारण्य के भीतर मृत मिला 1 चीतल, हिंसक प्राणी के हमले के संकेत

बलौदाबाजार जिले के बारनावापारा अभयारण्य से एक महत्वपूर्ण वन्यजीव (BarNavapara Spotted Deer Death) घटना सामने आई है, जहां एक चीतल मृत अवस्था में पाया गया है। इस घटना को चीतल की मौत  के रूप में देखा जा रहा है, जिसने वन विभाग की सतर्कता को और बढ़ा दिया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि चीतल का शिकार किसी हिंसक वन्यप्राणी द्वारा किया गया है।

WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 16.26.10
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.09
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.07
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.06
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.08

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 अगस्त 2025 को पश्चिम रामपुर परिसर के कक्ष क्रमांक 108 टेडवा नाला के किनारे वन गश्त के दौरान परिसर रक्षक धनेश्वर ध्रुव को एक चीतल मृत अवस्था में दिखाई दिया। तत्काल इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई। मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने पर पाया गया कि मृत चीतल के शरीर के पिछले हिस्से को किसी हिंसक प्राणी ने खाया हुआ था, जो चीतल की मौत (BarNavapara Spotted Deer Death) के पीछे प्राकृतिक शिकार की पुष्टि करता है।

WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16 (1)
WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16

वन विभाग के अनुसार, घटनास्थल पर चीतल के सींग, खाल और अन्य अंग सुरक्षित अवस्था में पाए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह मामला अवैध शिकार का नहीं है। यह पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसे चीतल की मौत (BarNavapara Spotted Deer Death) के तहत वन्यजीव शृंखला में सामान्य माना जाता है।

WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06 (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.05
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07 (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.08
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07 (2)

घटना की गंभीरता को देखते हुए सहायक परिक्षेत्र अधिकारी के निर्देश पर उसी दिन शाम को घटनास्थल के पास एक ट्रैप कैमरा लगाया गया है। इस कैमरे के माध्यम से उस हिंसक वन्यप्राणी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, जिसने इस चीतल की मौत (BarNavapara Spotted Deer Death) की घटना को अंजाम दिया।

निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत Barnavapara Spotted Deer Death

बारनावापारा अभयारण्य में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर विभाग लगातार सक्रिय है। अधिकारी और कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए नियमित गश्त कर रहे हैं। साथ ही रात के समय भी विशेष टीम बनाकर जंगल के संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी असामान्य गतिविधि को तुरंत चिन्हित किया जा सके।

वन क्षेत्र में पेट्रोलिंग कैंप, वॉच टावर और हाईटेक बैरियर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा सुरक्षा श्रमिकों की भी तैनाती की गई है। वन्यप्राणियों के लिए पेयजल की व्यवस्था हेतु कई जल संरचनाएं बनाई गई हैं, जिससे उनका प्राकृतिक आवास सुरक्षित बना रहे। इस पूरी निगरानी व्यवस्था का उद्देश्य चीतल की मौत(BarNavapara Spotted Deer Death) जैसी घटनाओं पर नजर बनाए रखना और वन अपराधों को रोकना है।

प्राकृतिक शिकार, लेकिन सतर्कता जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल में एक प्राणी का दूसरे प्राणी का शिकार करना प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इस तरह की घटनाएं पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में मदद करती हैं। हालांकि, वन विभाग यह सुनिश्चित करता है कि इसमें किसी प्रकार की मानवीय हस्तक्षेप न हो और वन्यजीव सुरक्षित रहें। वन विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे अभयारण्य क्षेत्र में अनावश्यक रूप से प्रवेश न करें और वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में बाधा न डालें।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button