Ambikapur News : अंबिकापुर पशु चिकित्सा विभाग (Veterinary Assistant Suspended) में लंबे समय से चल रहे वित्तीय खेल का पर्दाफाश हो चुका है। इस वित्तीय अनियमितता पर निलंबन की पूरी कहानी ऑडिट और शिकायतों के बाद शुरू हुई। जांच में पाया गया कि सहायक ग्रेड-02 प्रदीप कुमार अम्बष्ट ने दो अलग-अलग मदों में भारी हेरफेर किया है।
हितग्राहियों के हक पर डाका
प्राप्त विवरणों के अनुसार, पशुपालन योजनाओं से जुड़े हितग्राहियों के अंशदान की कुल 44 लाख 54 हजार 700 रुपये की राशि उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं के आधिकारिक बैंक खाते (32384036588) में जमा ही नहीं की गई। यह राशि सीधे तौर पर गरीब पशुपालकों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी थी। इस पद के दुरुपयोग पर निलंबन (Veterinary Assistant Suspended) की कार्रवाई इसलिए भी अनिवार्य हो गई थी क्योंकि बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद आरोपी कर्मचारी ने इस राशि का कोई हिसाब पेश नहीं किया।
पशु रोगी कल्याण समिति में भी सेंधमारी
इतना ही नहीं, गबन का दायरा केवल हितग्राहियों तक सीमित नहीं था। पशु रोगी कल्याण समिति, सरगुजा के खाते में जमा होने वाली 63 लाख 29 हजार 640 रुपये की बड़ी रकम को भी गायब कर दिया गया। विभागीय जांच में पाया गया कि समिति के खाता क्रमांक 1037917860 में यह राशि कभी पहुँची ही नहीं। यानी कुल मिलाकर एक करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि का बंदरबांट किया गया।
पांच सदस्यीय जांच समिति ने की पुष्टि
मामला तब और गंभीर हो गया जब जुलाई 2025 में जारी कारण बताओ नोटिस का आरोपी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद विभाग ने पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया। इस समिति ने जुलाई और अगस्त 2025 में अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि कर्मचारी ने कोई भी दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए। इस गंभीर कदाचार पर निलंबन (Veterinary Assistant Suspended) की नींव इसी रिपोर्ट ने रखी।
शासकीय मर्यादाओं का उल्लंघन
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। प्रदीप कुमार अम्बष्ट ने 14 अगस्त 2025 को उपसंचालक कार्यालय के आधिकारिक लेटरहेड का उपयोग अपने व्यक्तिगत कार्यों के लिए किया। यह न केवल शासकीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पद की गरिमा के साथ खिलवाड़ भी है। इस नियम विरुद्ध कार्य पर निलंबन (Suspension For Financial Irregularity) ने विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए थे, जिसे अब सुधारने की कोशिश की जा रही है।
Veterinary Assistant Suspended मैनपाट होगा नया मुख्यालय
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत की गई इस प्रशासनिक निलंबन (Veterinary Assistant Suspended) की अवधि के दौरान श्री अम्बष्ट को पशु चिकित्सालय मैनपाट में अटैच किया गया है। उन्हें केवल नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर पाबंदी रहेगी। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है। इस गबन में शामिल अन्य कड़ियों की भी तलाश की जा रही है और जल्द ही पुलिस केस (FIR) दर्ज होने की भी संभावना है ताकि गबन की गई राशि की वसूली की जा सके।

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