Umesh Patel PCC President : सिंहदेव के बाद अब उमेश पटेल को पीसीसी अध्यक्ष बनाने की मांग तेज
Umesh Patel PCC President छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के बाद अब खरसिया विधायक उमेश पटेल को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की मांग उठने लगी है। हालांकि इस मांग के सार्वजनिक होने पर कांग्रेस संगठन ने सख्त रुख अपनाते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अरुण मालाकार को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा है।
सोशल मीडिया पोस्ट पर संगठन ने दिखाई सख्ती
कांग्रेस संगठन के अनुसार पूर्व जिला अध्यक्ष अरुण मालाकार ने सोशल मीडिया पर उमेश पटेल (Umesh Patel PCC President) के समर्थन में पोस्ट साझा किया। संगठन का मानना है कि इस तरह की सार्वजनिक पैरवी से पार्टी की छवि प्रभावित होती है और यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर उनसे तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
दिल्ली बैठक के बाद फिर तेज हुई अध्यक्ष पद की चर्चा
हाल ही में नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ हुई बैठक के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस (CG Congress) के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। इससे पहले पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव (TS Singhdeo) के समर्थक भी सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग उठा चुके हैं। अब उसी क्रम में उमेश पटेल (Umesh Patel PCC President) के समर्थन में भी अभियान शुरू होने से संगठन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सार्वजनिक लॉबिंग स्वीकार नहीं की जाएगी।
12 जुलाई को पूरा हुआ कार्यकाल Umesh Patel PCC President
वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज (Deepak Baij) का निर्धारित कार्यकाल 12 जुलाई को समाप्त हो चुका है। हालांकि नए अध्यक्ष की नियुक्ति तक वे प्रभार पर बने हुए हैं। इसी बीच प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर अलग-अलग नेताओं के समर्थन में चल रही चर्चाओं ने संगठन के भीतर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ा दी हैं।
सार्वजनिक लॉबिंग पर संगठन का स्पष्ट संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस नेतृत्व इस कार्रवाई के माध्यम से यह संदेश देना चाहता है कि संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर सार्वजनिक दबाव या सोशल मीडिया अभियान को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर फैसला पार्टी हाईकमान ही करेगा और कार्यकर्ताओं या नेताओं से अनुशासन बनाए रखने की अपेक्षा की गई है।


