Monsoon Hair Care : मानसून में नहीं झड़ेंगे बाल! शैम्पू में मिलाकर लगा लें ये 1 चीज

Monsoon Hair Care बारिश के मौसम में बढ़ी नमी और उमस का असर सिर्फ त्वचा ही नहीं, बालों पर भी पड़ता है। इस दौरान डैंड्रफ, स्कैल्प में खुजली और हेयरफॉल जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में मशहूर हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब ने देश के एक बड़े मीडिया हाउस से चर्चा करते हुए एक आसान घरेलू उपाय साझा किया है, जिसे लेकर लोगों में काफी चर्चा हो रही है।
शैम्पू में मिलाएं वाइट विनेगर Monsoon Hair Care
जावेद हबीब के अनुसार, यदि आप अपने नियमित शैम्पू में एक चम्मच वाइट विनेगर (सफेद सिरका) मिलाकर सप्ताह में एक बार बाल धोते हैं, तो स्कैल्प की सफाई बेहतर हो सकती है। उनका कहना है कि इससे डैंड्रफ, खुजली और बाल झड़ने की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है।
रिसर्च क्या कहती है Monsoon Hair Care
विशेषज्ञों के मुताबिक, वाइट विनेगर में मौजूद एसिडिक गुण स्कैल्प के pH स्तर को संतुलित करने में मदद कर सकते हैं। कुछ अध्ययनों में यह भी बताया गया है कि इससे स्कैल्प पर जमा गंदगी और अतिरिक्त तेल हटाने में सहायता मिल सकती है।
हालांकि, अब तक ऐसे मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं जो यह साबित करें कि केवल वाइट विनेगर से डैंड्रफ या हेयरफॉल (Monsoon Hair Care) पूरी तरह ठीक हो सकता है। इसलिए इसे चमत्कारी इलाज मानने के बजाय एक सहायक घरेलू उपाय के रूप में ही अपनाना चाहिए।
इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां
वाइट विनेगर को कभी भी सीधे स्कैल्प पर न लगाएं। इसे शैम्पू या पानी में मिलाकर ही इस्तेमाल करें।
पहली बार उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।
सप्ताह में एक बार से अधिक इसका उपयोग न करें।
यदि स्कैल्प पर घाव, एलर्जी या अधिक संवेदनशीलता है तो इसका इस्तेमाल करने से बचें।
जलन, खुजली या लालपन महसूस होने पर तुरंत उपयोग बंद कर विशेषज्ञ से सलाह लें।
हेयरफॉल के पीछे हो सकते हैं कई कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि बाल झड़ने की वजह केवल डैंड्रफ नहीं होती। पोषण की कमी, तनाव, हार्मोनल बदलाव, संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हेयरफॉल का कारण बन सकती हैं। यदि लंबे समय तक समस्या बनी रहे तो त्वचा एवं बाल रोग विशेषज्ञ (Dermatologist) से सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प है।
डिस्क्लेमर : यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें।