Raigarh News : छत्तीसगढ़ के किसान (Marigold Farming Raigarh) अब अपनी पारंपरिक सोच को पीछे छोड़कर आधुनिक कृषि की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखण्ड के कोड़केल गाँव में यह बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जहाँ गेंदा फूल की खेती ने एक साधारण किसान की जिंदगी में खुशहाली की नई चमक बिखेरी है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के मार्गदर्शन में यहाँ के किसान अब धान के मुकाबले फूलों की खेती से कई गुना अधिक मुनाफा कमा रहे हैं।

पारंपरिक खेती से लखपति बनने तक का सफर
कोड़केल के रहने वाले आनंदराम सिदार पहले केवल धान की खेती पर निर्भर थे। 10 क्विंटल धान उगाने के बाद उन्हें बड़ी मुश्किल से 22 हजार रुपए का शुद्ध लाभ मिल पाता था। कम आमदनी के कारण वे अक्सर चिंतित रहते थे, लेकिन जब उन्होंने उद्यानिकी विभाग के सहयोग से गेंदा फूल की खेती (Marigold Farming Raigarh) शुरू की, तो उनकी किस्मत ही बदल गई। उन्होंने अपने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की वैज्ञानिक खेती अपनाई, जिससे उनके उत्पादन में भारी वृद्धि हुई।
लागत से 10 गुना ज्यादा रिटर्न
आनंदराम ने अपनी इस नई फसल में लगभग 22 हजार रुपए की लागत लगाई थी। उन्नत बीज और संतुलित खाद प्रबंधन के कारण उनके खेत में करीब 44 क्विंटल फूलों की बंपर पैदावार हुई। जब उन्होंने इन फूलों को बाजार में बेचा, तो उन्हें 3 लाख रुपए से अधिक की आय प्राप्त हुई। फूलों की खेती (Marigold Farming Raigarh) का यह मुनाफा धान की तुलना में कहीं अधिक और कम समय में प्राप्त होने वाला था।

उद्यानिकी विभाग की तकनीकी मदद बनी वरदान
रायगढ़ जिले में उद्यानिकी विभाग की सक्रियता से अब किसान गेंदा फूल की खेती (Marigold Farming Raigarh) को एक टिकाऊ व्यवसाय के रूप में देख रहे हैं। आनंदराम बताते हैं कि विभाग द्वारा उन्हें समय-समय पर प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी दी गई, जिससे कीट प्रबंधन और फसल की देखरेख आसान हो गई। आज वे आत्मनिर्भर हैं और अपनी सफलता से गाँव के अन्य युवाओं को भी इस दिशा में प्रेरित कर रहे हैं।

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