Sarangarh News : सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम पंचायत टिमरलगा में अवैध खनन (Illegal Mining Timarlaga) को लेकर एसडीएम की कार्रवाई के बावजूद खनिज माफियाओं की सक्रियता जारी रहने से पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 16 मार्च को एसडीएम वर्षा बंसल द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 पोकलेन मशीनों को जब्त किया गया था, लेकिन महज एक-दो दिन के भीतर ही उसी क्षेत्र में फिर से अवैध खनन शुरू होने की खबर सामने आई है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, टिमरलगा और आसपास के क्षेत्रों में रोजाना हजारों टन पत्थर का अवैध उत्खनन (Illegal Mining Timarlaga) किया जा रहा है। खनन कार्य इतनी तीव्रता से होता है कि एक ही खदान में कई पोकलेन मशीनों के जरिए दिन-रात खुदाई की जाती है और पत्थर को ट्रकों के माध्यम से क्रेशर प्लांटों तक पहुंचाया जाता है।
एसडीएम की कार्रवाई के बाद कुछ समय के लिए लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा था, लेकिन खनन कार्य के दोबारा शुरू हो जाने से यह भरोसा टूटता नजर आ रहा है। (Illegal Mining Timarlaga) को लेकर यह भी चर्चा है कि कार्रवाई के बाद खनिज माफिया संगठित हो गए और प्रभाव तथा संसाधनों के बल पर पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
Illegal Mining Timarlaga खनिज विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब्त की गई मशीनों को किस आधार पर छोड़ा गया? क्या वैधानिक कार्रवाई पूरी की गई या फिर सील तोड़कर दोबारा खनन शुरू कर दिया गया? इन सवालों पर प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
इस पूरे घटनाक्रम में खनिज विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। आरोप है कि संबंधित अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे अवैध गतिविधियों को अप्रत्यक्ष संरक्षण मिलने की आशंका जताई जा रही है। (Illegal Mining Timarlaga) को लेकर प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों में इसको लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन की सख्त कार्रवाई के बावजूद अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है, तो यह कानून व्यवस्था और शासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।


