Patwari Strike Chhattisgarh : पटवारी हड़ताल से धान खरीदी की तैयारी प्रभावित, सरिता मल्होत्रा ने सरकार से समाधान निकालने की मांग
Patwari Strike Chhattisgarh छत्तीसगढ़ में 13 अक्टूबर से जारी पटवारियों की हड़ताल के कारण राजस्व संबंधी कामकाज ठप होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। धान खरीदी से पहले गिरदावरी, डिजिटल क्रॉप सर्वे और जमीन के रिकॉर्ड दुरुस्त करने का काम प्रभावित होने की आशंका है। प्रदेश कांग्रेस सचिव सरिता मल्होत्रा ने राज्य सरकार से हड़ताल का जल्द समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने कहा कि समय पर राजस्व रिकॉर्ड तैयार नहीं हुए तो किसानों को धान बेचने में परेशानी हो सकती है। पटवारी हड़ताल (Patwari Strike Chhattisgarh) का असर अब धान खरीदी की तैयारियों पर भी पड़ने लगा है।
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गिरदावरी और डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम प्रभावित
सरिता मल्होत्रा ने कहा कि इस वर्ष धान बेचने के लिए एग्री-स्टैक पोर्टल पर पंजीयन, फार्मर आईडी और संबंधित खसरों की लिंकिंग अनिवार्य है। इसके साथ ही डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से फसल और रकबे की प्रविष्टि 31 अक्टूबर तक पूरी की जानी है। लेकिन पटवारियों की हड़ताल के कारण गिरदावरी और फसल सत्यापन का काम प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि धान खरीदी से पहले खेतों में बोई गई फसल और उसके रकबे का सही रिकॉर्ड तैयार होना जरूरी है। यदि समयसीमा में सर्वे और रिकॉर्ड का काम पूरा नहीं हुआ तो किसानों को पंजीयन और धान बेचने के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कांग्रेस सचिव ने सरकार से धान खरीदी की तैयारियों (Patwari Strike Chhattisgarh) को प्रभावित होने से बचाने के लिए तत्काल पहल करने की मांग की।
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जमीन के काम अटके, तहसील कार्यालयों के चक्कर काट रहे लोग
सरिता मल्होत्रा के अनुसार, पटवारियों की हड़ताल से भूमि रिकॉर्ड, फौती, नामांतरण, बंटवारा और त्रुटि सुधार जैसे राजस्व संबंधी काम लंबित हैं। जमीन के सीमांकन, डायवर्सन और बटांकन के मामलों में भी लोगों को परेशानी हो रही है। आय, जाति, मूल निवासी और ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र बनवाने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि पटवारी प्रतिवेदन नहीं मिलने से तहसीलदार और एसडीएम कार्यालयों में राजस्व प्रकरणों का निराकरण अटक रहा है। जिन मामलों में आदेश जारी हो चुके हैं, उनमें भी आगे की प्रक्रिया पूरी करने में दिक्कत आ रही है। लोगों को बार-बार तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और अगली तारीख लेकर लौटना पड़ रहा है। राजस्व कामकाज ठप (Patwari Strike Chhattisgarh) होने से आम नागरिकों के साथ किसानों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
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पीवी ऐप की तकनीकी समस्याओं का समाधान करने की मांग
कांग्रेस सचिव ने कहा कि पटवारी नए पीवी ऐप यानी फिजिकल वेरिफिकेशन ऐप में तकनीकी खामियों, सर्वर डाउन रहने और लोकेशन मैच नहीं होने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। पटवारी संघ पहले भी इन समस्याओं से सरकार को अवगत करा चुका है। ऐसे में सरकार को उनकी मांगों और तकनीकी दिक्कतों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था लागू करने के साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को तकनीकी परेशानियों का सामना न करना पड़े। ऐप से जुड़ी समस्याओं का निराकरण किए बिना काम का दबाव बढ़ाने से मैदानी कामकाज प्रभावित हो सकता है। पटवारियों की ऐप संबंधी समस्याओं (Patwari Strike Chhattisgarh) का समाधान निकालकर हड़ताल समाप्त कराने की दिशा में सरकार को पहल करनी चाहिए।
समय पर समाधान नहीं हुआ तो किसानों की बढ़ेंगी मुश्किलें
सरिता मल्होत्रा ने कहा कि धान खरीदी से पहले राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त करना और फसल का सत्यापन पूरा करना जरूरी है। यदि हड़ताल लंबी चली तो किसानों को धान बेचने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने राज्य सरकार से पटवारी संघ के साथ बातचीत कर गतिरोध समाप्त करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण करते हुए किसानों के हितों की रक्षा करनी चाहिए, ताकि धान खरीदी प्रभावित न हो और आम लोगों को राजस्व संबंधी कामों के लिए परेशान न होना पड़े। पटवारी हड़ताल का समाधान (Patwari Strike Chhattisgarh) निकालना अब जरूरी हो गया है।
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