भोपाल। मध्य प्रदेश से जून 2026 में राज्यसभा की दो सीटें रिक्त होने जा रही हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh Rajya Sabha) और भाजपा के सुमेर सिंह सोलंकी का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इन सीटों पर चुनाव से पहले ही प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस में दिग्विजय सिंह के एक बार फिर राज्यसभा जाने की अटकलें तेज थीं, लेकिन उन्होंने खुद इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया है।
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मीडिया से बातचीत में दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh Rajya Sabha) ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अपनी राज्यसभा की सीट खाली कर रहे हैं और तीसरी बार राज्यसभा जाने का कोई इरादा नहीं है। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस की सियासत में नए समीकरण बनने लगे हैं।
दरअसल, दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh Rajya Sabha) के तीसरी बार राज्यसभा जाने की अटकलें उस समय तेज हुई थीं, जब उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के संगठन कौशल की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की थी। इसे कांग्रेस संगठन के भीतर दबाव की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा था। हालांकि दिग्विजय सिंह ने इन सभी कयासों को खारिज करते हुए कहा कि वह राज्यसभा की सीट छोड़ रहे हैं।
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इधर, प्रदेश कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को पत्र लिखकर मांग की है कि मध्य प्रदेश से रिक्त होने वाली राज्यसभा सीट पर अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्ति (Digvijay Singh Rajya Sabha) को भेजा जाए। इस पर दिग्विजय सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला उनके हाथ में नहीं है, लेकिन वह स्वयं सीट खाली कर रहे हैं।
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी अहिरवार की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि लंबे समय से अनुसूचित जाति वर्ग को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है और इस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
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कमलनाथ, पटवारी और यादव की दावेदारी चर्चा में
दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh Rajya Sabha) के ऐलान के बाद कांग्रेस में राज्यसभा टिकट को लेकर नए नाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को संभावित दावेदार माना जा रहा है। यदि कांग्रेस ओबीसी वर्ग से उम्मीदवार उतारती है, तो अरुण यादव और कमलेश्वर पटेल की दावेदारी मजबूत बताई जा रही है।
(Digvijay Singh Rajya Sabha) एक ही सीट जीतने की स्थिति में कांग्रेस
वर्तमान दलीय स्थिति को देखें तो कांग्रेस मध्य प्रदेश से केवल एक राज्यसभा सदस्य भेजने (Digvijay Singh Rajya Sabha) की स्थिति में है। 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 65 विधायक हैं, जबकि भाजपा के 164 और भारत आदिवासी पार्टी का एक विधायक है। ऐसे में कांग्रेस के भीतर उम्मीदवार चयन को लेकर राजनीतिक संतुलन साधना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।










