Raigarh News :-आरोपियों ने लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों के खुलवाए थे बैंक खाते
सायबर धोखाधड़ी से करीब 69 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांजैक्ट होने का खुलासा, 5.22 लाख रूपये होल्ड भी कराया
प्रत्येक खाते पर 10 हजार रुपये लेते थे गिरोह के सदस्य, एक आरोपी ने डेढ़ लाख रुपये कमाने की बात मानी
गिरोह के पास से मोबाइल और सिम कार्ड जप्त, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
एसपी दिव्यांग पटेल के निर्देशन में साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई सफल
रायगढ़, 2 सितंबर – रायगढ़ पुलिस ने साइबर अपराध (cyber crime ) के लिए म्यूल एकाउंट उपलब्ध कराने वाले एक और संगठित गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सक्ती जिले के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में शिवाजी चन्द्रा और जितेश चन्द्रा शामिल हैं, जो माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से लोन दिलाने के बहाने जरूरतमंदों से बैंक खाते खुलवाते और फिर उन खातों को साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह में पांच अन्य सदस्यों की संलिप्तता है जो फर्जी सिम कार्ड और अकाउंट खुलवाते थे जिनकी तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा संचालित भारतीय साइबर अपराध “समन्वय पोर्टल” के माध्यम से म्यूल खाताधारकों के विरुद्ध कार्यवाही हेतु उप पुलिस अधीक्षक साइबर सेल रायगढ़ को प्रतिवेदन प्राप्त हुआ था। डीएसपी साइबर अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन पर थाना कोतवाली द्वारा की गई जांच में रायगढ़ के विभिन्न बैंक खातों में साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त 69 लाख 18 हजार 979 रुपये जमा* होना पाया गया। इन रकम को अलग-अलग राज्यों – उत्तर प्रदेश, दिल्ली, केरल, कर्नाटका और महाराष्ट्र में भेजे गये थे, इन खातों में गये 5 लाख 22 हजार 798 रूपयों को होल्ड कराया गया है । धोखाधड़ी को लेकर कल थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 446/2025 धारा 317(2), 317(4), 317(5), 111, 3(5) वी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पैसों की तंगी वाले लोगों को माइक्रो फाइनेंस कंपनियों में टारगेट करते थे और उन्हें मामूली रकम देकर बैंक खाते खुलवाने, खाता किट और सिम कार्ड अपने पास रखने के लिए राजी कर लेते थे। गवाहों के कथन, जांच में पुलिस छापेमारी कर आरोपी शिवाजी चन्द्रा और जितेश चन्द्रा तक पहुंची जिसने पूछताछ करने पर उन्होंने गिरोह का खुलासा कर बताया कि वे प्रत्येक खाते के एवज में करीब 10,000 रुपये पाते थे, जो उन्हें फोनपे या नकद दिए जाते थे। आरोपी शिवा चन्द्रा ने अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये कमाने की बात स्वीकार की, जिसे वह खाने-पीने में खर्च कर चुका है। आरोपियों के मोबाइल फोन और सिम कार्ड पुलिस ने जप्त कर लिए हैं और उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में अपने गिरोह के अन्य पांच सदस्यों के नाम उजागर किए हैं, जो फर्जी सिम उपलब्ध कराने और बैंक खाते खुलवाने का काम करते थे। पुलिस अब इनकी तलाश में जुटी हुई है।
इस कार्रवाई में एसपी दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश मरकाम, डीएसपी साइबर सेल अनिल विश्वकर्मा, कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, दिलीप बेहरा और साइबर सेल के धनंजय कश्यप, प्रशांत पण्डा, पुष्पेंद्र जाटवर, मेनका चौहान, नवीन शुक्ला, रविन्द्र गुप्ता, प्रताप बेहरा और थाना कोतवाली आरक्षक कमलेश यादव की अहम भूमिका रही।







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