Chhattisgarh Tomato Farming : धान से नहीं हुई इतनी कमाई, टमाटर ने बदल दी किसान की आमदनी

राज्य में आधुनिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में राष्ट्रीय बागवानी मिशन किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। उन्नत तकनीक, विभागीय मार्गदर्शन और वैज्ञानिक खेती पद्धतियों के जरिए किसान कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।

By admin
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Chhattisgarh Tomato Farming
Highlights
  • उन्नत टमाटर खेती से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि
  • राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत आधुनिक तकनीकों को मिल रहा बढ़ावा
  • कम लागत, अधिक उत्पादन और बेहतर बाजार मूल्य से किसानों को लाभ

National Horticulture Mission : राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक कृषि (Chhattisgarh Tomato Farming) प्रणाली से जोड़ने के उद्देश्य से लगातार नई पहल कर रही है। इसी दिशा में राष्ट्रीय बागवानी मिशन (National Horticulture Mission) किसानों के लिए एक प्रभावी योजना साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर वैज्ञानिक और उन्नत बागवानी तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उत्पादन और मुनाफे दोनों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

प्रदेश में कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उन्हें बाजार आधारित खेती और आधुनिक संसाधनों से जोड़ना है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन (National Horticulture Mission) के अंतर्गत किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, गुणवत्तायुक्त बीज और आधुनिक सिंचाई पद्धतियों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

टमाटर की अपनाई उन्नत खेती

जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत टेम्पू के किसान सुनील भगत इस योजना की सफलता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आए हैं। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में टमाटर (Chhattisgarh Tomato Farming) की उन्नत खेती अपनाई और बेहतर परिणाम प्राप्त किए। विभागीय सलाह के अनुसार उन्होंने जीके देशी किस्म का टमाटर लगाया, जिससे प्रति एकड़ लगभग 9 टन उत्पादन हासिल हुआ। यह उत्पादन पारंपरिक खेती की तुलना में काफी अधिक माना जा रहा है।

Chhattisgarh Tomato Farming कम समय में बेहतर आय

किसान सुनील भगत बताते हैं कि वे मौसम और बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए सब्जी फसलों की खेती करते हैं। वर्तमान सीजन में टमाटर (Chhattisgarh Tomato Farming) उत्पादन से उन्हें लगभग 85 हजार 500 रुपये की आय प्राप्त हुई। लागत व्यय निकालने के बाद करीब 55 हजार 500 रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन (National Horticulture Mission) के तहत वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान कम समय में बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं।

Chhattisgarh Tomato Farming किसानों को नई तकनीक से जोड़ रहे

उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के अनुसार योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों से जोड़ना है, ताकि पानी, खाद और श्रम लागत को कम करते हुए उत्पादन बढ़ाया जा सके। इसी क्रम में अब किसान ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और उन्नत पौध प्रबंधन तकनीकों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। राष्ट्रीय बागवानी मिशन (National Horticulture Mission) किसानों को टिकाऊ खेती मॉडल की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

अन्य गांवों के किसान भी हुए प्रेरित

सुनील भगत की सफलता से ग्राम पंचायत टेम्पू सहित आसपास के गांवों के किसान भी प्रेरित हुए हैं। कई किसानों ने अब पारंपरिक धान आधारित खेती के साथ सब्जी और बागवानी फसलों को अपनाने की योजना बनाई है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है और किसानों की आय के नए स्रोत विकसित हो रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते जलवायु परिदृश्य में बागवानी आधारित खेती किसानों के लिए अधिक लाभकारी विकल्प बन सकती है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन (National Horticulture Mission) के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को आधुनिक कृषि की दिशा मिल रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रहे हैं। आने वाले समय में यह योजना ग्रामीण विकास और कृषि आधारित रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

राज्य सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसान इस योजना से जुड़ें और आधुनिक खेती (Chhattisgarh Tomato Farming) के जरिए अपनी आय दोगुनी करने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें। उन्नत तकनीक, प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग का यह समन्वय प्रदेश की कृषि व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रहा है।

 

 


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