Census Duty Leave Ban : जनगणना ड्यूटी में ‘नो लीव’ अलर्ट, बिना अनुमति गए तो मुश्किल

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Census Duty Leave Ban

Census 2027 : राज्य सरकार ने जनगणना 2027 में लगे (Census Duty Leave Ban) शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी है। गृह विभाग ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी कर कहा है कि जनगणना कार्य में संलग्न कर्मचारियों को बिना अनुमति अवकाश नहीं दिया जाएगा। एक से 30 मई तक चलने वाले इस कार्य को देखते हुए प्रशासन ने जनगणना ड्यूटी सख्ती लागू करते हुए स्पष्ट किया है कि छुट्टी केवल कलेक्टर की पूर्व अनुमति से ही मिलेगी।

जारी आदेश में कहा गया है कि जनगणना कार्य में लगे किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। विशेष परिस्थितियों में ही जिला जनगणना शाखा के माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा। पहले से स्वीकृत अवकाश भी कलेक्टर की अनुमति के बाद ही मान्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यह निर्णय जनगणना ड्यूटी सख्ती (Census Duty Leave Ban) के तहत लिया गया है।

सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश Census Duty Leave Ban

गृह विभाग ने जनगणना को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य बताते हुए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। 16 अप्रैल से स्व-गणना प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें मकानों की गणना और सूचीकरण किया जा रहा है। 30 अप्रैल तक नागरिक ऑनलाइन पोर्टल पर घर और परिवार की जानकारी भर सकते हैं। ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने पर एक यूनिक आईडी जारी की जाएगी, जिसे बाद में कर्मचारियों को दिखाना होगा। यह पूरी प्रक्रिया जनगणना ड्यूटी सख्ती (Census Duty Leave Ban) के साथ संचालित की जा रही है।

9,000 से अधिक लोगों ने घर बैठे स्व-गणना प्रक्रिया पूरी की

छत्तीसगढ़ में स्व-गणना को लेकर लोगों की भागीदारी भी सामने आई है। 24 घंटे के भीतर 9,000 से अधिक लोगों ने घर बैठे स्व-गणना प्रक्रिया पूरी कर ली, जबकि 13,400 लोगों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। सरकार ने 33 जिलों और 19,978 ग्रामों में अभियान को सफल बनाने के लिए 62,500 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम तैनात की है। इस व्यवस्था को जनगणना ड्यूटी सख्ती (Census Duty Leave Ban) का हिस्सा बताया गया है।

Census 2027 डेटा सत्यापन का कार्य कर रहे

इनमें 51,300 प्रगणक और 9,000 पर्यवेक्षक शामिल हैं, जो डेटा सत्यापन का कार्य कर रहे हैं। तकनीकी सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 जारी किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्रित व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण तथा विकास योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा। प्रशासन ने दोहराया है कि जनगणना ड्यूटी सख्ती (Census Duty Leave Ban) के दौरान सभी कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी।

 

 


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