हजारों की संख्या में हेमू कलाणी चौक से रैली निकाल कर, पहुंची कलेक्ट्रेट
डिप्टी कलेक्टर मरकाम को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, मांगे पूरी नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी
रायगढ़ में सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। 8 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। सोमवार की सुबह 11 बजे से शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका जमा होने लगी।यहां जिला स्तरीय एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित था। जिले भर से हजारों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पहुंची और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि दूसरे विभाग के कामों में भी आगंनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाता है। जमीनी स्तर के हर काम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका कर रही हैं, लेकिन उसके बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं हो पा रही है।
कई बार कर चुके आंदोलन,फिर भी नहीं हो रहे सुनवाई
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने पहले भी आंदोलन किया था। हर बार आश्वसन तो मिला, लेकिन उसके बाद भी मांग पूरी नहीं हो सकी। ऐसे में आज भी इनकी शासकीय कर्मचारी घोषित करने, मानदेय बढ़ाने समेत कई मांग अधूरी है।
8 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं पिछले 35-40 सालों से कार्यरत हैं। छत्तीसगढ़ के सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं का नियमितिकरण करते हुए शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाना चाहिए। 2. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रतिमाह 26000 रुपए और सहायिका को प्रतिमाह 22100 रुपए वेतन दिया जाए। 3. सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का लाभ दिया जाए। जिसमें कार्यकर्ता को प्रतिमाह 10 हजार रुपए और सहायिकाओं को 8 हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन और ग्रेज्युटी की राशि एक मुश्त कार्यकर्ता को 5 लाख रुपए और सहायिकाओं को 4 लाख रुपए दिया जाए। 4. भविष्य की सुरक्षा के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं को समूह बीमा योजना का लाभ दिया जाए। 5. कार्यकर्ता, सहायिकाओं के उनके कार्य के दौरान आकस्मिक मृत्यु हो जाने की स्थिति में परिवार के एक सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति के माध्यम से नौकरी दिया जाए। 6. मानेदय के साथ-साथ अनुपातिक महंगाई भत्ता का लाभ भी दिया जाए। 7. लम्बे समय से कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पदोन्नति का लाभ बिना किसी परीक्षा के रिक्त पद पर लिया जाए और सहायिकाओं को कार्यकर्ता के रिक्त पद पर निःशर्त पदोन्नत किया जाए। 8. आंगनबाड़ी केन्द्रों के सभी हितग्राहियों के लिए गरम भोजन बनाने के लिए गैस सिलेण्डर और चूल्हा उपलब्ध कराया जाए। गैस आपूर्ति की निरंतरता की सुविधा प्रदान किया जाए, जिससे ईंधन के अभाव में भोजन प्रभावित न हो।



