जांजगीर-चांपा जिले में आज भ्रष्टाचार के विरुद्ध एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB Trap) ने दो बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दिया है। पहली कार्रवाई में बिजली विभाग के तीन रसूखदार अधिकारियों को जाल बिछाकर पकड़ा गया, वहीं दूसरी कार्रवाई में एक नगर पंचायत के लेखापाल को सलाखों के पीछे भेजा गया। एसीबी की इस दोहरी दबिश से जिले के प्रशासनिक महकमों में हड़कंप मच गया है।
ट्रांसफार्मर के बदले वसूली ACB Trap
जांजगीर में बिजली विभाग के अधिकारियों ने भ्रष्टाचार को अपनी कमाई का जरिया बना लिया था। प्रार्थी प्रदीप यादव ने अपने फ्लाई ऐश ब्रिक्स प्लांट के सुचारू संचालन के लिए नए ट्रांसफार्मर और मीटर की मांग की थी। नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद, अधिकारी फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर मोटी रकम की मांग कर रहे थे। परेशान होकर प्रार्थी ने इसकी शिकायत बिलासपुर एसीबी यूनिट (ACB Trap) से की।
एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया और जाल बिछाया। जैसे ही सहायक अभियंता (AE) विजय नोर्गे के निर्देश पर प्रार्थी ने 10 हजार रुपये उप अभियंता (JE) राजेंद्र शुक्ला को दिए और 25 हजार रुपये सहायक ग्रेड-1 देवेंद्र राठौर को सौंपे, वैसे ही टीम ने घेराबंदी कर तीनों को रंगे हाथ दबोच लिया। भ्रष्ट अधिकारियों के हाथों से रिश्वत की रकम बरामद की गई और उनके हाथ केमिकल से धुलवाए गए, जो गुलाबी हो गए।
नगर पंचायत नवागढ़ में लेखापाल पर गाज ACB Trap
दूसरी घटना नगर पंचायत नवागढ़ की है, जहां बिल भुगतान के एवज में कमीशनखोरी का खेल चल रहा था। प्रार्थी अब्दुल वहाब के 2.03 लाख रुपये के लंबित बिल का चेक जारी करने के बदले लेखापाल प्रकाश जायसवाल ने 16 हजार रुपये की मांग की थी। प्रार्थी पहले ही 6 हजार रुपये दे चुका था, लेकिन आरोपी लेखापाल बाकी के 8 हजार रुपये के लिए दबाव बना रहा था।

एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ग्राम सेमरा के पास शाह क्रशर के नजदीक लेखापाल को जैसे ही रिश्वत लेते देखा, उसे तत्काल हिरासत में ले लिया। सरकारी तंत्र में बैठे इन सफेदपोश अपराधियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार ACB Trap
जांजगीर-चांपा में हुई इन कार्रवाइयों ने स्पष्ट कर दिया है कि ACB Trap अब भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शने के मूड में नहीं है। बिजली विभाग के मामले में ACB Trap (एसीबी ट्रैप) की टीम ने सहायक अभियंता विजय नोर्गे, उप अभियंता राजेंद्र शुक्ला और सहायक ग्रेड-1 देवेंद्र राठौर के खिलाफ धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई की है। वहीं, नगर पंचायत के लेखापाल पर धारा 7 के तहत कानूनी शिकंजा कसा गया है।
इन दोनों ही मामलों में ACB Trap (एसीबी ट्रैप) की टीम ने मौके पर मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की है ताकि कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें। जिले में एक ही दिन में चार सरकारी कर्मचारियों का ACB Trap (एसीबी ट्रैप) होना यह दर्शाता है कि निचले स्तर पर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं।

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