Durg News : हाथों की जादूगरी जब मिट्टी के साथ मिलती है, तो वह केवल बर्तन (Kumhar Success Story) नहीं बल्कि एक परिवार की आजीविका का आधार बन जाती है। दुर्ग जिले के 27 वर्षीय युवा धन्नू राम चक्रधारी की कहानी आज छत्तीसगढ़ के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में पारंपरिक कारीगरों को मिल रहे प्रोत्साहन ने धन्नू राम जैसे हुनरमंद हाथों को नई उड़ान दी है।
संघर्षों के बीच नहीं छोड़ा पुश्तैनी हुनर
धन्नू राम का जीवन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कम उम्र में ही पिता के गुजर जाने के बाद पूरे परिवार का बोझ उनके कंधों पर आ गया। पढ़ाई पूरी करने के बाद धन्नू राम ने किसी नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय अपने पुश्तैनी काम (Kumhar Success Story) को ही अपनी ताकत बनाया। वे सिरसा क्षेत्र से उत्तम मिट्टी लाकर उसे तैयार करते हैं और बड़ी ही बारीकी से मटके, सुराही और गुल्लक जैसे उत्पाद तैयार करते हैं। उनकी इस मेहनत में उनकी मां का अटूट सहयोग उन्हें हर पल प्रेरित करता है।
इलेक्ट्रिक चाक ने बदली काम की रफ्तार
हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर मंत्री गजेन्द्र यादव ने कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक वितरित किए। इस आधुनिक तकनीक ने धन्नू राम की सफलता की कहानी (Kumhar Success Story) में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। पहले जिस चाक को हाथ से चलाने में काफी समय और ऊर्जा खर्च होती थी, अब वह बिजली से चलता है। इससे उत्पादन की गति कई गुना बढ़ गई है, जिससे वे बाजार की मांग को समय पर पूरा कर पा रहे हैं।

बाजार में बढ़ी मांग, बढ़ी आमदनी
दुर्ग के इंदिरा मार्केट में धन्नू राम के बनाए मिट्टी के बर्तनों की जबरदस्त मांग है। गर्मी के इस मौसम में लोग फ्रिज के बजाय मटके और सुराही के प्राकृतिक रूप से ठंडे पानी को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी बढ़ती मांग के कारण धन्नू राम प्रतिदिन 2 से ढाई हजार रुपये की आमदनी (Kumhar Success Story) कर रहे हैं। वे बताते हैं कि शासन की योजनाओं ने उन्हें वह मंच प्रदान किया है, जहाँ वे अपनी कला का सही मूल्य प्राप्त कर पा रहे हैं।
Kumhar Success Story आत्मनिर्भरता का नया अध्याय
धन्नू राम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि वर्तमान सरकार हर वर्ग को स्वरोजगार (Kumhar Success Story) से जोड़ रही है। आज वे अपने पैरों पर खड़े हैं और पूरे सम्मान के साथ समाज में अपनी पहचान बना चुके हैं। मिट्टी के ये बर्तन आज न केवल घरों की प्यास बुझा रहे हैं, बल्कि एक युवा की सफलता की कहानी (Kumhar Success Story) भी बयां कर रहे हैं।

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