Power Department Corruption : छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार (AE JE Suspended Janjgir) के दीमक को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बीच जांजगीर-चांपा जिले में विद्युत वितरण कंपनी ने एक बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी ने बिजली विभाग भ्रष्टाचार (Power Department Corruption) के एक गंभीर मामले में संलिप्त पाए जाने पर बिजली विभाग जांजगीर के एक सहायक अभियंता (AE), एक कनिष्ठ अभियंता (JE) और एक सहायक ग्रेड-1 कर्मचारी (बाबू) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
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35 हजार की घूस लेते एसीबी ने पकड़ा
जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की एक सफल ट्रैप कार्यवाही पर आधारित है। लगभग 15 दिन पुराने इस मामले में एसीबी की बिलासपुर टीम ने एक विशेष ऑपरेशन के दौरान सहायक अभियंता विजय नोरे, जेई राजेंद्र शुक्ला और सहायक ग्रेड-1 देवेंद्र राठौर को कुल 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते (AE JE Suspended Janjgir) रंगे हाथों पकड़ा था। इस रंगे हाथों गिरफ्तारी के बाद से ही विभाग पर इन भ्रष्ट कर्मचारियों पर सख्त कदम उठाने का भारी दबाव बना हुआ था। विद्युत वितरण कंपनी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और निलंबन आदेश जारी किया।
उद्यमी को कनेक्शन के नाम पर बना रहे थे निशाना
एसीबी की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। जांजगीर निवासी एक व्यक्ति ने ग्राम खोंखसा में अपना नया फ्लाई ऐश ब्रिक्स प्लांट स्थापित करने के लिए विभाग में ट्रांसफार्मर और बिजली कनेक्शन के लिए विधिवत आवेदन किया था। आरोप है कि इस जायज़ कार्य को पूरा करने के एवज में इन अधिकारियों ने रिश्वत की मांग की। भ्रष्टाचार का सिंडिकेट इतना संगठित था कि सहायक अभियंता और जेई द्वारा 10 हजार रुपये तथा सहायक ग्रेड-1 बाबू द्वारा 25 हजार रुपये की अलग-अलग मांग (AE JE Suspended Janjgir) की गई थी।
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भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदेश AE JE Suspended Janjgir
शिकायत मिलने पर एसीबी बिलासपुर की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और 20 मार्च को आरोपितों को शिकायतकर्ता से 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद प्रकरण दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार किया गया। विद्युत वितरण कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि विभाग में भ्रष्टाचार (Power Department Corruption) को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निलंबन अवधि के दौरान तीनों कर्मचारियों का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता कार्यालय, जगदलपुर निर्धारित किया गया है और नियमानुसार उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। यह निलंबन 20 मार्च से प्रभावी माना जाएगा।
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