छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Bhumihin Krishi Majdur Yojana) को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 25 मार्च को बलौदाबाजार से दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत करीब 5 लाख भूमिहीन परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सहायता राशि अंतरित करेंगे। यह योजना उन परिवारों के लिए संबल बनकर उभरी है, जिनकी आजीविका पूरी तरह मजदूरी पर निर्भर है।
राज्य सरकार द्वारा संचालित इस योजना (Bhumihin Krishi Majdur Yojana) का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले भूमिहीन परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्थायी आय का आधार प्रदान करना है। इस योजना के तहत 4.95 लाख से अधिक पात्र हितग्राहियों के लिए 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक लाभार्थी को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है, जिससे उन्हें अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है।
योजना (Bhumihin Krishi Majdur Yojana) के लाभार्थियों में सबसे अधिक रायपुर जिले के 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर शामिल हैं, जबकि सबसे कम बीजापुर जिले के 1,542 हितग्राही हैं। इसके अलावा बिलासपुर जिले के 39,401, महासमुंद जिले के 37,011, कोरिया जिले के 1,549 और नारायणपुर जिले के 1,805 भूमिहीन मजदूर भी इस योजना का लाभ प्राप्त करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि इस योजना (Bhumihin Krishi Majdur Yojana) के माध्यम से सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि भूमिहीन परिवारों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना भी है। उन्होंने कहा कि ‘अंत्योदय’ की भावना के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका समावेशी स्वरूप है। इसके तहत केवल कृषि मजदूर ही नहीं, बल्कि वनोपज संग्राहक, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी जैसे पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े भूमिहीन परिवारों को भी शामिल किया गया है। साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में देवस्थलों में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया और माँझी परिवारों को भी इसका लाभ दिया जा रहा है।
लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार शामिल हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक माने जाते हैं। पहले इस योजना के तहत 7,000 रुपये की सहायता दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है।
जानिए क्या है Bhumihin Krishi Majdur Yojana
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना (Bhumihin Krishi Majdur Yojana) छत्तीसगढ़ सरकार की प्रमुख योजना है, जिसके तहत भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है, जिससे उन्हें अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी करने में मदद मिलती है।
किन-किन को मिलता है लाभ
इस योजना (Bhumihin Krishi Majdur Yojana) में केवल खेतिहर मजदूर ही नहीं, बल्कि वनोपज संग्राहक, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी जैसे पारंपरिक कार्यों से जुड़े भूमिहीन परिवारों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा बैगा, गुनिया और माँझी परिवारों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा है।
जिलेवार लाभार्थियों की स्थिति
रायपुर में 53,338, बिलासपुर में 39,401, महासमुंद में 37,011, बीजापुर में 1,542, कोरिया में 1,549 और नारायणपुर में 1,805 भूमिहीन कृषि मजदूर इस योजना (Bhumihin Krishi Majdur Yojana) से लाभान्वित होंगे।


