Nitish Kumar Rajya Sabha : बिहार की राजनीति इन दिनों संभावित मुख्यमंत्री पद में बदलाव (Bihar CM Change) को लेकर गरमाई हुई है। सूत्रों के हवाले से सामने आ रही खबरों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने की तैयारी लगभग पूरी मानी जा रही है। अगर ऐसा होता है तो बिहार की सत्ता में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और राज्य की राजनीति एक नए मोड़ पर पहुंच सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीतीश कुमार ने राज्यसभा सीट के लिए नामांकन की तैयारी कर ली है। पार्टी स्तर पर आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है और तय कार्यक्रम के अनुसार वे नामांकन दाखिल कर सकते हैं। यह भी चर्चा है कि 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव संपन्न होने के बाद वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। ऐसे में (Bihar CM Change) की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने 89 सीटें जीतकर गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर अपनी ताकत दिखाई थी। वहीं नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) 85 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी। एनडीए गठबंधन में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा का भी योगदान रहा। ऐसे में अगर मुख्यमंत्री पद खाली होता है तो (Bihar CM Change) का निर्णय गठबंधन की सामूहिक रणनीति पर निर्भर करेगा।
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Bihar CM Change नीतीश कुमार के बाद कौन
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि नीतीश कुमार राज्यसभा चले जाते हैं तो बिहार की कमान किसे सौंपी जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा में सीटों के आंकड़ों को देखते हुए बीजेपी मजबूत स्थिति में है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि (Bihar CM Change) की स्थिति में मुख्यमंत्री पद बीजेपी के हिस्से में जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो लंबे समय बाद बिहार में बीजेपी का अपना चेहरा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेगा, जो राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा।
निशांत कुमार को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
इसी बीच एक और बड़ी चर्चा यह है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह खबर तेजी से फैल रही है। यदि ऐसा होता है तो मुख्यमंत्री पद में बदलाव (Bihar CM Change) केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं बल्कि नई पीढ़ी की एंट्री के रूप में भी देखा जाएगा।
संवैधानिक प्रक्रिया क्या कहती है
भारत का संविधान स्पष्ट रूप से कहता है कि कोई भी व्यक्ति एक साथ दो सदनों का सदस्य नहीं रह सकता। वर्तमान में नीतीश कुमार बिहार विधानसभा के सदस्य हैं और मुख्यमंत्री पद पर आसीन हैं। यदि वे राज्यसभा सदस्य बनते हैं तो उन्हें विधानसभा की सदस्यता छोड़नी होगी और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा। मुख्यमंत्री के इस्तीफे का अर्थ तकनीकी रूप से पूरे मंत्रिपरिषद का इस्तीफा माना जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री पद में बदलाव (Bihar CM Change) की स्थिति में एनडीए गठबंधन को फिर से विधायक दल की बैठक कर नया नेता चुनना होगा।
राजनीतिक दृष्टि से यह घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर जहां नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना राष्ट्रीय राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका की ओर संकेत करता है, वहीं दूसरी ओर राज्य की सत्ता में संभावित मुख्यमंत्री पद में बदलाव (Bihar CM Change) से नए समीकरण बन सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें आधिकारिक घोषणा और आगामी राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं।

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