Balodabazar Forest News : वन विभाग ने जिले में अवैध सागौन कटाई और लकड़ी तस्करी (Illegal Teak Wood Action) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगल संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों पर शिकंजा कस दिया है। बलौदाबाजार वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील के निर्देशानुसार चलाए गए विशेष अभियान के तहत अवैध सागौन कटान के विरुद्ध सघन कार्रवाई करते हुए चिरान लकड़ी तथा उससे निर्मित फर्नीचर को बरामद कर विधिवत जब्त किया गया।
वन विभाग को अर्जुनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरेली और सुकली से लंबे समय से अवैध लकड़ी कटाई और भंडारण की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। ग्रामीणों और स्थानीय स्रोतों से लगातार मिल रही सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने निगरानी बढ़ाई और विशेष रणनीति तैयार की।
मुखबिर तंत्र के माध्यम से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से संयुक्त दबिश अभियान चलाया, जिसे विभाग की बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह पूरी कार्रवाई अवैध वन संपदा पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान (Illegal Teak Wood Action) का हिस्सा है।
वन विभाग की टीम ने ग्राम बरेली में तलाशी के दौरान सागौन की चिरान लकड़ी और उससे तैयार किए गए फर्नीचर को बरामद किया। जांच में पाया गया कि लकड़ी का स्रोत संदिग्ध था और आवश्यक वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद वन अधिनियम के तहत तत्काल जब्ती की कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार, जंगलों की सुरक्षा और जैव विविधता संरक्षण के लिए इस प्रकार की कार्रवाई (Illegal Teak Wood Action) लगातार जारी रहेगी।
इसके बाद टीम ने ग्राम सुकली में भी तलाशी अभियान संचालित किया, जहां संदिग्ध गतिविधियों की जांच की गई। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है और संभावित रूप से और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। विभाग ने संकेत दिया है कि अवैध कटाई और लकड़ी परिवहन में शामिल लोगों की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान क्षेत्र में चल रहे व्यापक वन संरक्षण अभियान (Illegal Teak Wood Action) की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
Illegal Teak Wood Action अवैध कटान की जानकारी मांगी
कार्रवाई के दौरान परिक्षेत्र अधिकारी गुलशन साहू, डब्बू साहू, मीनाक्षी साहू, रुपेश्वरी दीवान सहित वन विभाग के कर्मचारी एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि जंगलों की सुरक्षा में सहयोग करें और अवैध कटान की जानकारी तुरंत विभाग को दें। विभाग का कहना है कि सामुदायिक भागीदारी से ही वन संरक्षण अभियान (Illegal Teak Wood Action) को सफल बनाया जा सकता है।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान जारी रहेंगे और जंगल संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। लगातार निगरानी, संयुक्त कार्रवाई और तकनीकी साधनों के उपयोग से अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण मजबूत किया जा रहा है। इस कार्रवाई (Illegal Teak Wood Action) के बाद क्षेत्र में अवैध लकड़ी कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।

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