8th Pay Commission केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए इस समय सबसे बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है। साल 2026 की शुरुआत के साथ ही यह उम्मीद जताई जा रही थी कि जनवरी से नया वेतन ढांचा जमीन पर दिखाई देगा, लेकिन अभी भी सस्पेंस बरकरार है। सरकार ने नवंबर 2025 में आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को आधिकारिक मंजूरी दे दी थी और इसके साथ ही अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्तियां भी पूरी कर ली गई हैं। वर्तमान में, 8th Pay Commission अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देने के लिए विभिन्न विभागों और हितधारकों के साथ चर्चा कर रहा है।
क्या साल 2027 तक लागू होगा नया सैलरी स्ट्रक्चर
आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपने के लिए कुल 18 महीने का समय दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आयोग अपनी समयसीमा का पालन करता है, तो रिपोर्ट 2027 के मध्य तक आ पाएगी। हालांकि, कर्मचारियों की मांग है कि इसे 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाए और बकाया राशि को एरियर (Arrears) के रूप में दिया जाए। 8th Pay Commission के तहत वेतन और पेंशन रिवीजन का इंतजार कर रहे लोग अब सरकार की ओर से किसी आधिकारिक डेडलाइन की घोषणा की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
7वें वेतन आयोग का इतिहास और गणित
पिछले वेतन आयोग के दौरान सरकार ने 125% महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक सैलरी में मर्ज किया था। उस समय पुराने बेसिक वेतन (1.00) और DA (1.25) को मिलाकर 2.25 का बेस तैयार हुआ था। इसके बाद प्रशासन ने लगभग 14% की वास्तविक वृद्धि जोड़कर 2.57 का फिटमेंट फैक्टर तय किया था। 8th Pay Commission में भी इसी तरह के तर्कसंगत फार्मूले की उम्मीद की जा रही है।
8th Pay Commission संभावित फिटमेंट फैक्टर और गणना
यदि 8th Pay Commission पुराने फार्मूले को ही आधार बनाता है, तो इस बार फिटमेंट फैक्टर काफी आकर्षक हो सकता है।
अनुमान है कि जनवरी 2026 तक DA की दर 60% तक पहुंच सकती है।
ऐसी स्थिति में 1.00 (बेसिक) + 0.60 (DA) = 1.60 का आधार बनेगा।
यदि आयोग इसमें 15% से 20% की अतिरिक्त वास्तविक वृद्धि जोड़ता है, तो फिटमेंट फैक्टर 2.80 से 3.00 के बीच रह सकता है।

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