Rajnandgaon News : राजनांदगांव जिले के चिचोला क्षेत्र में नकली यूरिया (Fake Urea Seizure Chichola) के संगठित अवैध कारोबार का बड़ा भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस और संबंधित कंपनी अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई में जुम्मन रेस्टोरेंट परिसर से करीब तीन हजार लीटर नकली यूरिया जब्त किया गया। यह यूरिया ट्रकों में इस्तेमाल के नाम पर नामी ऑटोमोबाइल कंपनियों के लेबल लगाकर खुलेआम बेचा जा रहा था।
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पुलिस के अनुसार रेस्टोरेंट परिसर से 147 बाल्टियों में भरा नकली यूरिया (Fake Urea Seizure Chichola) बरामद किया गया है। जांच में सामने आया कि इन बाल्टियों पर टाटा मोटर्स, अशोक लीलैंड और महिंद्रा जैसी ब्रांडेड कंपनियों के स्टीकर लगाए गए थे, ताकि इसे असली उत्पाद बताकर ट्रक चालकों और ट्रांसपोर्टरों को बेचा जा सके।
नकली यूरिया (Fake Urea Seizure Chichola) की बिक्री की सूचना मिलने पर संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधि चिचोला पहुंचे और स्थानीय पुलिस के साथ रेस्टोरेंट में छापा मारा। कार्रवाई के दौरान रेस्टोरेंट का संचालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। वहीं रेस्टोरेंट में काम कर रहे कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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(Fake Urea Seizure Chichola) हाईवे बना ब्लैक मार्केट का सुरक्षित रास्ता
एनएच-53 पर महाराष्ट्र सीमा से लेकर तुमड़ीबोड़ तक का इलाका अवैध कारोबार का सुरक्षित कॉरिडोर बनता जा रहा है। नकली यूरिया की इस खेप के पकड़े जाने से पहले भी इसी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काले कारोबार का खुलासा हो चुका है। करीब पांच माह पहले जीएसटी विभाग की टीम ने एक ढाबे से हजारों लीटर बेस ऑयल जब्त किया था, जिसे डीजल बताकर खपाया जा रहा था। उस मामले में 64 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ था।
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सूत्रों के मुताबिक इस पूरे इलाके में ढाबों और रेस्टोरेंट की आड़ में नकली यूरिया, बायोडीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की अवैध बिक्री लंबे समय से चल रही है। नकली यूरिया की ताजा कार्रवाई ने इस नेटवर्क की गंभीरता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।


