Gariaband News : छत्तीसगढ़ के जिला चिकित्सालय गरियाबंद (Gariaband Collector Action) में चिकित्सकीय लापरवाही और समय पालन में गंभीर चूक सामने आई है। कलेक्टर बी.एस. उइके ने अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों को नोडल बनाकर निगरानी की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन अस्पताल की मॉनिटरिंग की जा रही है।
इसी क्रम में 9 जून को जिला पंचायत सीईओ जी.आर. मरकाम ने आकस्मिक निरीक्षण किया, जहां जिला अस्पताल के 7 डॉक्टर और 2 चिकित्सकीय स्टाफ अपने ड्यूटी पर अनुपस्थित पाए गए। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने सभी संबंधितों को कारण बताओ नोटिस (Gariaband Collector Action) जारी किया है।
गैरहाजिर डॉक्टरों में डॉ. हिना फारूखी, डॉ. परीना फारूखी, डॉ. एम.पी. अग्रवाल, डॉ. निशा नवरत्ने, डॉ. रूपेन्द्र महिलांगे, डॉ. स्वर्णारानी हिरौंदिया और डॉ. उर्वशी देवांगन शामिल हैं। वहीं ओटीए राकेश दीवान और एक्स-रे टेक्नीशियन गोमती भी अनुपस्थित मिले।
कलेक्टर उइके ने कहा कि आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में अनुशासन की भावना को बल मिलेगा और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।
व्यवस्था को सुदृढ़ करने रोजाना निगरानी होगी (Gariaband Collector Action)
गरियाबंद जिला अस्पताल में 7 डॉक्टरों और 2 मेडिकल स्टाफ के कार्य समय पर ड्यूटी से गायब मिलने पर कलेक्टर बी.एस. उइके ने कड़ा रुख अपनाया है। आकस्मिक निरीक्षण के बाद सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन अब अस्पताल की सेवाओं पर प्रतिदिन निगरानी रख रहा है ताकि जनता को समय पर इलाज मिल सके।

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