राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी) के तहत छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh New Syllabus) में कक्षा 5वीं, 7वीं और 8वीं के सिलेबस और पाठ्यपुस्तकों में बड़ा बदलाव किया जाएगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने नई पाठ्यपुस्तकों की तैयारी के लिए 7 जुलाई से 30 सितंबर तक तीन महीने का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है। इस दौरान विषय विशेषज्ञ नई किताबों का प्रारूप तैयार करेंगे।
नई किताबें एनसीईआरटी के नवीन पाठ्यक्रम (Chhattisgarh New Syllabus) के अनुरूप तैयार की जाएंगी, लेकिन इनमें छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोकजीवन, भूगोल, जनजातीय इतिहास, महापुरुषों और स्थानीय विरासत को भी प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा के साथ अपने राज्य की पहचान और परंपराओं की भी जानकारी मिलेगी।
छत्तीसगढ़ी संस्कृति को मिलेगा स्थान
पूर्व में पाठ्यपुस्तकों से छत्तीसगढ़ से जुड़े विषय हटाने को लेकर विरोध हुआ था। इसके बाद स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने एससीईआरटी की उच्च स्तरीय बैठक में निर्देश दिए थे कि नई किताबों (Chhattisgarh New Syllabus) में छत्तीसगढ़ी संस्कृति, रीति-रिवाज, पर्यटन, तीज-त्योहार, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के साथ स्थानीय महापुरुषों को भी शामिल किया जाए। अब इन्हीं निर्देशों के अनुरूप काम शुरू कर दिया गया है।
9 चरणों में तैयार होगा पूरा पाठ्यक्रम
एससीईआरटी के संचालक रितुराज रघुवंशी ने 7 जुलाई से 30 सितंबर तक विषयवार कार्यशालाओं का कार्यक्रम तय किया है। इस दौरान पाठ्यक्रम (Chhattisgarh New Syllabus) की समीक्षा, विषय सामग्री का चयन, अध्याय लेखन, अभ्यास प्रश्न तैयार करना, ग्राफिक डिजाइन, प्रूफ रीडिंग, ले-आउट और अंतिम संशोधन सहित सभी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। सितंबर के अंत तक अंतिम मसौदा शिक्षा स्थायी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
पहले इन कक्षाओं की किताबें हो चुकी हैं तैयार
एससीईआरटी इससे पहले कक्षा 1, 2, 3 और 6 की हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम की 23 नई पाठ्यपुस्तकें तैयार कर चुका है। इन्हें शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू करने की मंजूरी भी मिल चुकी है। इसी प्रक्रिया के तहत राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एससीएफ) भी तैयार की गई थी।
इन विषयों पर रहेगा विशेष फोकस
इस चरण में कक्षा 5वीं और 8वीं के सभी विषयों की नई किताबें तैयार की जाएंगी, जबकि कक्षा 7वीं में गणित और योग शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि नई शिक्षा व्यवस्था (Chhattisgarh New Syllabus) का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ स्थानीय परिवेश से जोड़ना है। नई पुस्तकों की भाषा बच्चों के लिए सरल और सहज होगी। इसके लिए सेवानिवृत्त प्राचार्यों और विषय विशेषज्ञों की सेवाएं ली जा रही हैं, ताकि पाठ्य सामग्री अधिक उपयोगी, रोचक और व्यवहारिक बनाई जा सके।
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