मध्य प्रदेश के जिला शहडोल की तहसील बुढ़ा स्थित शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनपुरी में हिंदी विषय की व्याख्याता के रूप में पदस्थ आफरीन अख्तर ने इस वर्ष 2025–26 में यूजीसी नेट एनटीए असिस्टेंट प्रोफेसर पात्रता परीक्षा हिंदी विषय से उत्तीर्ण कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उनकी यह उपलब्धि न केवल विद्यालय बल्कि पूरे शहडोल जिले के साथ साथ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। दरअसल, आफरीन अख्तर मूलत: रायगढ़ शहर की रहने वाली हैं।
आफरीन अख्तर ने (UGC NET Hindi 2025) परीक्षा में सफलता प्राप्त कर यह साबित कर दिया कि निरंतरता और समर्पण से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इससे पहले वे वर्ष 2019 में नेट और 2022 में जेआरएफ (विषय–हिंदी) उत्तीर्ण कर चुकी हैं। इसके साथ ही एमपी सेट, सीजी सेट, सीजी टेट और एमपी टेट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएं भी उन्होंने सफलता पूर्वक पास की हैं।
वार्ड नंबर 18 धनपुरी, जिला शहडोल में निवासरत आफरीन वर्तमान में धनपुरी बॉयज स्कूल में व्याख्याता के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा आयोजित नवोदय विद्यालय पीजीटी परीक्षा भी उत्तीर्ण की है। वर्ष 2022 की एमपी असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में लिखित परीक्षा पास कर इंटरव्यू तक पहुंचना उनकी शैक्षणिक दृढ़ता का प्रमाण है। (UGC NET Hindi 2025) में सफलता उनकी वर्षों की साधना का परिणाम है।
लगभग सात आठ वर्षों की लंबी तैयारी और अनुभव के आधार पर आफरीन ने नेट जेआरएफ हिंदी की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक उपयोगी पुस्तक भी लिखी है। यह पुस्तक प्रतियोगी छात्रों के लिए मार्गदर्शक के रूप में तैयार की गई है, जिसमें सिलेबस आधारित रणनीति, महत्वपूर्ण प्रश्न और तैयारी की तकनीकें शामिल हैं। (UGC NET Hindi 2025) जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह पुस्तक विशेष रूप से लाभकारी मानी जा रही है।
UGC NET Hindi 2025 पढ़ाई को बनाइए आदत
आफरीन का मानना है कि सफलता प्राप्त करने का एकमात्र मार्ग निरंतरता है। वे कहती हैं कि पढ़ाई को आदत बनाइए और लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहिए। घर के काम, समय की कमी या अन्य बहाने सफलता की राह में बाधा नहीं बनने चाहिए। (UGC NET Hindi 2025) जैसी कठिन परीक्षा को पास करने के पीछे उनका यही सिद्धांत रहा लगातार प्रयास और सकारात्मक सोच।
महिलाओं और युवतियों के लिए वे विशेष संदेश
महिलाओं और युवतियों के लिए वे विशेष संदेश देती हैं कि आत्मनिर्भर बनना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वे कहती हैं कि जैसे मछली के लिए पानी आवश्यक है, वैसे ही महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता जरूरी है। घर और बाहर की जिम्मेदारियों को संतुलित करते हुए आर्थिक रूप से सक्षम बनना चाहिए। (UGC NET Hindi 2025) में उनकी सफलता इसी आत्मविश्वास का उदाहरण है।
अपनी सफलता का श्रेय इन्हें दिया
आफरीन अपनी सफलता का श्रेय अपने पति शहरयार रज़ा खान को देती हैं, जिन्होंने कठिन समय में उनका मनोबल बनाए रखा। उनका कहना है कि परिवार का सहयोग और विश्वास किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आज आफरीन अख्तर की उपलब्धि शहडोल जिले की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी मेहनत, समर्पण और शैक्षणिक उत्कृष्टता ने यह संदेश दिया है कि छोटे शहरों से भी बड़े सपने साकार किए जा सकते हैं। (UGC NET Hindi 2025) में उनकी सफलता शिक्षा क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार करती है।







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