बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Triplet Birth Case) में रविवार को एक ऐतिहासिक और चिकित्सकीय रूप से महत्वपूर्ण घटना सामने आई, जब ग्राम चकदेही निवासी एक महिला ने एक साथ तीन स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। यह मामला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि तीनों नवजातों का जन्म सामान्य प्रसव के जरिए सुरक्षित रूप से हुआ, जबकि यह स्वास्थ्य केंद्र विशेषज्ञ संसाधनों की सीमित उपलब्धता वाला है।
जानकारी के अनुसार ग्राम चकदेही निवासी बसंती बाई को रविवार सुबह अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने बिना देर किए स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रघुनाथनगर लाया गया। अस्पताल पहुंचते ही ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत जांच कर स्थिति की गंभीरता को समझते हुए प्रसव की तैयारी शुरू कर दी।
डॉक्टर कृपाशंकर भगत के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ प्रसव प्रक्रिया को संभाला। सबसे पहले बसंती बाई ने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसका वजन लगभग दो किलोग्राम बताया गया। इसके कुछ ही समय बाद दो अन्य बच्चों का जन्म हुआ, जिनका वजन क्रमशः 1.5 किलोग्राम और 1.3 किलोग्राम दर्ज किया गया। इस (Triplet Birth Case) में तीनों बच्चों का सामान्य प्रसव से जन्म होना स्वास्थ्य केंद्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
चिकित्सकों के अनुसार एक साथ तीन बच्चों का सुरक्षित और सामान्य तरीके से जन्म अपेक्षाकृत दुर्लभ होता है और इसके लिए विशेष निगरानी और अनुभव की आवश्यकता होती है। डॉक्टर भगत ने बताया कि मां की स्थिति पूरी तरह स्थिर है और तीनों नवजात भी स्वस्थ हैं। हालांकि दो बच्चों का वजन अपेक्षाकृत कम होने के कारण उन्हें विशेष देखभाल और निगरानी की जरूरत थी।
इसी को ध्यान में रखते हुए (Triplet Birth Case) के तहत दो कम वजन वाले बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए सिविल अस्पताल वाड्रफनगर रेफर किया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार किया जाएगा। वहीं मां और पहली बच्ची की हालत पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है और उन्हें स्वास्थ्य केंद्र में निगरानी में रखा गया है।
महिला के पति रामलाल और अन्य परिजनों के लिए यह खुशी का पल शब्दों से परे है। रामलाल ने बताया कि एक साथ तीन बच्चों का जन्म उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की तत्परता, सहयोग और मानवीय व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि समय पर मिली चिकित्सा सहायता के कारण यह संभव हो सका।
Triplet Birth Case यहां पहली बार एक साथ तीन बच्चों का जन्म
रघुनाथनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए भी यह (Triplet Birth Case) बेहद खास है, क्योंकि यहां पहली बार एक साथ तीन बच्चों का जन्म दर्ज किया गया है। अस्पताल प्रबंधन ने इसे टीमवर्क, समय पर निर्णय और बेहतर संस्थागत स्वास्थ्य सेवाओं का परिणाम बताया। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि यह घटना क्षेत्र में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण बनेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इस तरह की सफलता यह साबित करती है कि सही प्रशिक्षण और समर्पण से जटिल मामलों को भी सफलतापूर्वक संभाला जा सकता है। यह (Triplet Birth Case) न केवल स्वास्थ्य कर्मियों का मनोबल बढ़ाएगा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने के लिए भी प्रेरित करेगा।







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