Ration KYC : एक सदस्य की केवाईसी न होने पर पूरे परिवार का राशन बंद, 12 लाख लोग प्रभावित

By admin
3 Min Read
Ration KYC

Raipur News : खाद्य विभाग की मनमानी ने गरीबों की थाली से अनाज छीन लिया है। प्रदेश में ऐसे राशन कार्ड, जिनमें चार या उससे अधिक सदस्य दर्ज हैं और एक की भी (Ration KYC) अपडेट नहीं हुई है, उनका पूरा चावल आवंटन रोक दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि जिन राशन कार्डों में तीन सदस्य दर्ज हैं, वहां केवाईसी नहीं होने के बावजूद आवंटन जारी रखा गया है।

नियम स्पष्ट है कि जिस सदस्य की (Ration KYC) अपडेट नहीं है, केवल उसी का खाद्यान्न रोका जाना चाहिए। लेकिन विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर पूरे परिवार का राशन बंद कर दिया। इस मनमानी फैसले से प्रदेशभर में करीब 12 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राजधानी में ऐसे सदस्यों की संख्या करीब 13 हजार बताई जा रही है।

इसे भी पढ़ें : Prabhas The Raja Saab : प्रभास के फैंस ने थिएटर में की आरती, पटाखों से लगी आग, मची अफरा-तफरी

कुष्ठ रोगियों तक नहीं मिल रहा चावल

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के एक हजार से अधिक कुष्ठ रोगियों को भी पिछले तीन महीनों से चावल नहीं मिला है। केवाईसी अपडेट न होने का हवाला देकर गरीब, बीमार और जरूरतमंद लोगों को सजा दी जा रही है। इस मामले में खाद्य विभाग ने साफ नहीं किया कि क्या इन मरीजों के राशन कार्डों की (Ration KYC) पूरी की गई है।

पीडीएस स्टॉक और घोटाले के आरोप

पीडीएस स्टाक का भौतिक सत्यापन नहीं हो रहा है। सहकारी समितियों और शासकीय उचित मूल्य दुकानों में चावल को लेकर बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। कांग्रेस का दावा है कि गरीबों के हक का चावल घोटाले के जरिये दूसरे राज्यों में बेचा जा रहा है।

इसे भी पढ़ें : Chhattisgarh DA Hike : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी घोषणा, राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान मिलेगा भत्ता

‘मेरा ई-केवाईसी’ ऐप से घर बैठे केवाईसी

‘मेरा ई-केवाईसी’ ऐप के माध्यम से घर बैठे ई-केवाईसी की जा सकती है। इस अभियान में अब तक 85 प्रतिशत प्रगति हो चुकी है। राज्य में वर्तमान में 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलित हैं, जिनमें पंजीकृत सदस्यों की संख्या 2.73 करोड़ है। इनमें से लगभग 2.30 करोड़ सदस्यों का (Ration KYC) पूर्ण किया जा चुका है।

Share This Article

Discover more from RAJDHANI TIMES CG

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading