Peripartum Cardiac Arrest Case : रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में दिल की धड़कन रुकने के बाद सफल इलाज, प्रसूता की बची जान

रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चिकित्सकों की त्वरित निर्णय क्षमता और समन्वित टीमवर्क ने एक गंभीर प्रसूता की जान बचाकर मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की नई मिसाल पेश की है। पेरिपार्टम कार्डियक अरेस्ट जैसी अत्यंत जटिल स्थिति के बावजूद आधुनिक आपातकालीन उपचार से मरीज को नया जीवन मिला।

By admin
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Peripartum Cardiac Arrest Case
Highlights
  • पेरिपार्टम कार्डियक अरेस्ट के बाद हाई क्वालिटी CPR से बची प्रसूता
  • आपातकालीन सिजेरियन के दौरान रुकी दिल की धड़कन, टीमवर्क से सफलता
  • रायगढ़ मेडिकल कॉलेज बना उन्नत मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का उदाहरण

Raigarh Medical College News : छत्तीसगढ़ में उन्नत मातृ एवं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्त उदाहरण (Peripartum Cardiac Arrest Case)  रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में देखने को मिला, जहां चिकित्सकों की सतर्कता और त्वरित चिकित्सा प्रबंधन से एक गंभीर प्रसूता को नया जीवन मिला। यह जटिल मामला गंभीर मातृ चिकित्सा घटना के रूप में सामने आया, जिसमें प्रसव के दौरान मरीज की हृदय गति अचानक रुक गई थी।

स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों की टीम ने उच्चस्तरीय चिकित्सा प्रबंधन और समन्वित प्रयासों से इस चुनौतीपूर्ण स्थिति पर सफल नियंत्रण पाया।

गंभीर अवस्था में अस्पताल लाई गई मरीज

23 वर्षीय प्रथम गर्भवती महिला को प्री-एक्लेम्पसिया यानी गर्भावस्था में अत्यधिक उच्च रक्तचाप की समस्या थी। 02 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 12 बजे उन्हें निजी अस्पताल से अत्यंत गंभीर स्थिति में मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन विभाग में लाया गया।

जांच के दौरान चिकित्सकों ने फेफड़ों में पानी भरने यानी पल्मोनरी एडीमा की पुष्टि की, जो जीवन के लिए बेहद खतरनाक स्थिति मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह पूरा मामला उच्च जोखिम गर्भावस्था प्रबंधन (Peripartum Cardiac Arrest Case) की श्रेणी में आता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल आपातकालीन सिजेरियन सेक्शन (LSCS) करने का निर्णय लिया।

इलाज के दौरान अचानक रुकी दिल की धड़कन

ऑपरेशन के दौरान मरीज को अचानक पेरिपार्टम कार्डियक अरेस्ट यानी हृदय गति रुकने की स्थिति का सामना करना पड़ा। यह स्थिति चिकित्सा विज्ञान में अत्यंत दुर्लभ और जानलेवा मानी जाती है। एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद मसीह लकड़ा ने बताया कि टीम ने तुरंत स्थिति को पहचानते हुए उच्च गुणवत्ता वाली सीपीआर शुरू की। यह त्वरित प्रतिक्रिया आपातकालीन पुनर्जीवन प्रक्रिया (Peripartum Cardiac Arrest Case) में निर्णायक साबित हुई। चिकित्सकीय टीम के समन्वित प्रयासों से कुछ ही समय में मरीज की हृदय गति पुनः स्थापित कर ली गई।

ICU में गहन निगरानी और उपचार

हृदय गति वापस आने के बाद मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर आईसीयू में भर्ती किया गया। वहां पोस्ट-कार्डियक अरेस्ट केयर के तहत लगातार निगरानी और उपचार दिया गया।

लगभग तीन दिनों तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद मरीज की स्थिति धीरे-धीरे स्थिर होने लगी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी रखा गया, जो क्रिटिकल केयर प्रबंधन (Peripartum Cardiac Arrest Case) का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। 12 फरवरी 2026 को मरीज की स्थिति में पर्याप्त सुधार होने पर उन्हें आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट किया गया।

टीमवर्क बना सफलता की सबसे बड़ी वजह

इस जीवनरक्षक प्रक्रिया में एनेस्थीसिया विभाग, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग और ऑपरेशन थिएटर स्टाफ का समन्वित योगदान रहा। चिकित्सकीय टीम में डॉ. आनंद मसीह लकड़ा, डॉ. टी.के. साहू, डॉ. चंद्रभानु पैंकरा, डॉ. अशोक सिंह सिदार, डॉ. लेश पटेल, डॉ. अनीश, डॉ. लक्ष्मी यादव, डॉ. अमित भोई और डॉ. सुभाष राज सहित OT स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेषज्ञों के अनुसार यह सफलता मल्टी-डिसिप्लिनरी मेडिकल रिस्पॉन्स (Peripartum Cardiac Arrest Case) का उत्कृष्ट उदाहरण है।

रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सको के प्रयास से लौटी दिल की धड़कन

Peripartum Cardiac Arrest Case समय पर पहचान ने बचाई जिंदगी

अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम.के. मिंज ने बताया कि यह सफलता समय पर पहचान, उच्च गुणवत्ता वाली CPR, त्वरित निर्णय और चिकित्सकीय टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह घटना साबित करती है कि यदि उच्च जोखिम गर्भावस्था में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो तो अत्यंत गंभीर परिस्थितियों में भी जीवन बचाया जा सकता है। यह पूरा मामला मातृ आपातकालीन चिकित्सा सफलता (Peripartum Cardiac Arrest Case) के रूप में देखा जा रहा है।

उन्नत मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत होती व्यवस्था

राज्य में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में आधुनिक आपातकालीन सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में हुई यह सफलता दर्शाती है कि सरकारी अस्पताल भी जटिल चिकित्सा स्थितियों का सफलतापूर्वक उपचार करने में सक्षम हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं स्वास्थ्य व्यवस्था में जनता के विश्वास को मजबूत करती हैं और आधुनिक मातृ स्वास्थ्य मॉडल (Peripartum Cardiac Arrest Case) को नई पहचान देती हैं। अंततः सफल उपचार के बाद मरीज को स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया, जो चिकित्सकीय टीम के समर्पण और दक्षता का प्रमाण है।

 

 


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