Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana) ने दो वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस अवधि में यह योजना प्रदेश की लाखों माताओं-बहनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का आधार बन चुकी है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना अब केवल मासिक सहायता तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि आत्मसम्मान, भरोसे और आत्मनिर्भरता की पहचान बन गई है।
योजना (Mahtari Vandan Yojana) की शुरुआत 10 मार्च 2024 को हुई थी, जब पहली किस्त जारी की गई। इसके बाद राज्य सरकार ने इसे पारदर्शी और संवेदनशील ढंग से लागू करते हुए यह सुनिश्चित किया कि लाभ सीधे पात्र महिलाओं के बैंक खातों तक पहुंचे। इसी क्रम में 30 जनवरी 2026 को नारायणपुर जिले से महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त जारी की गई, जिसके तहत 68 लाख 47 हजार 355 महिलाओं के खातों में 641 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई।
अब तक योजना (Mahtari Vandan Yojana) के अंतर्गत 15 हजार 595 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को मिल चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना कितने व्यापक स्तर पर महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता से जुड़ चुकी है। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे पारिवारिक व सामाजिक निर्णयों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
Mahtari Vandan Yojana हर महीने एक हजार की सहायता
महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana) के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। यह छोटी लेकिन निरंतर मदद महिलाओं की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने, बचत बढ़ाने और भविष्य की योजना बनाने में सहायक साबित हो रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कई महिलाएं इस राशि से छोटे स्तर पर स्वरोजगार शुरू कर रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
Mahtari Vandan Yojana सुरक्षा कवच के रूप में उभरी
यह योजना मजदूर, छोटे किसान और सीमित आय वाले परिवारों के लिए भी एक सुरक्षा कवच के रूप में उभरी है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों सुकमा, बीजापुर, कांकेर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर—में भी योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से अब तक 7,763 नई महिलाओं को इससे जोड़ा जा चुका है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना आज छत्तीसगढ़ की एक पहचान बनती जा रही है।










