अंबिकापुर से करीब 12 किलोमीटर दूर दरिमा गांव में स्थित मां महामाया एयरपोर्ट (Maa Mahamaya Airport Flight Service) से यात्री विमान सेवा फिलहाल पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। सेवा शुरू हुए एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अनियमित उड़ानों और शीतकालीन शेड्यूल जारी न होने के कारण यात्रियों का भरोसा कमजोर पड़ गया है। अब उड़ान सेवा की दोबारा शुरुआत पूरी तरह मार्च के अंतिम सप्ताह में जारी होने वाले ग्रीष्मकालीन शेड्यूल पर निर्भर मानी जा रही है।
इसे भी पढ़ें : Medical Specialists Contractual Recruitment : चिकित्सा विशेषज्ञों के पदों पर होगी संविदा नियुक्ति, देखें डिटेल्स
यदि ग्रीष्मकालीन शेड्यूल में दरिमा एयरपोर्ट (Maa Mahamaya Airport Flight Service) को शामिल नहीं किया गया, तो आने वाले कई महीनों तक यहां से विमान उड़ान शुरू होने की संभावना बेहद कम रहेगी। दरिमा स्थित मां महामाया एयरपोर्ट से फ्लाई बिग कंपनी ने रायपुर–अंबिकापुर–बिलासपुर–अंबिकापुर–रायपुर मार्ग पर 19 सीटर विमान का संचालन शुरू किया था। शुरुआती दौर में कुछ समय तक नियमित उड़ानें चलीं, लेकिन बारिश का मौसम आते ही सेवा रोक दी गई।
इसके बाद कंपनी की ओर से शीतकालीन उड़ान (Maa Mahamaya Airport Flight Service) कार्यक्रम जारी नहीं किया गया, जिससे विमान सेवा पूरी तरह बंद हो गई। पूरे एक साल की अवधि में यात्रियों को महज डेढ़ से दो महीने ही इस सेवा का लाभ मिल सका। बार-बार उड़ान रद्द होने और समयबद्ध संचालन न होने से यात्रियों ने भी धीरे-धीरे इस सेवा से दूरी बना ली।
इसे भी पढ़ें : Government Employees Insurance Scheme : सरकारी कर्मचारियों के लिए नए साल की बड़ी सौगात, 1 करोड़ 60 लाख रुपए तक का मुफ्त बीमा
हालात ऐसे हैं कि अब क्षेत्र में विमान सेवा (Maa Mahamaya Airport Flight Service) को लेकर चर्चा तक नहीं होती। जनप्रतिनिधियों की ओर से भी अब तक कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यदि सब कुछ अनुकूल रहा तो मार्च के अंतिम दिनों में ही दरिमा एयरपोर्ट से उड़ान सेवा दोबारा शुरू हो सकती है।
ग्रीष्मकालीन शेड्यूल (Maa Mahamaya Airport Flight Service) आमतौर पर मार्च के अंतिम सप्ताह से सितंबर तक प्रभावी रहता है। इसी शेड्यूल में यदि दरिमा एयरपोर्ट को शामिल किया गया, तभी उड़ान सेवा बहाल होने की उम्मीद बनेगी। एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि इस संबंध में विमानन मंत्रालय और मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। रायपुर के साथ-साथ वाराणसी रूट को जोड़ने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, जिससे कनेक्टिविटी बेहतर हो सके।
इसे भी पढ़ें : Shrimp Farming in Sukma : नीली क्रांति की नई शुरुआत, मछली के साथ झींगा पालन किसानों की आय बढ़ाने का आधार बनेगा
(Maa Mahamaya Airport Flight Service) सेवा बंद, फिर भी ड्यूटी पर कर्मचारी
हालांकि मां महामाया एयरपोर्ट से उड़ानें बंद हैं, लेकिन सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए अधिकारी-कर्मचारी नियमित रूप से तैनात हैं। समय-समय पर सरकारी विमानों और निजी विमानों की लैंडिंग यहां होती रहती है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ-साथ पुलिस, नगर सेना, अग्निशमन और मौसम विभाग के कर्मचारी भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इसे भी पढ़ें : Organised Crime Network Database : अब चाल-ढाल और शारीरिक बनावट से भी होगी अपराधियों की पहचान
1950 से रहा है हवाई गतिविधियों का केंद्र
दरिमा में वर्ष 1950 में एयर स्ट्रिप विकसित (Maa Mahamaya Airport Flight Service) की गई थी, जिसे बाद में एयरपोर्ट के रूप में विस्तारित किया गया। 72 सीटर विमान के संचालन की क्षमता होने के बावजूद यहां शुरुआत में 19 सीटर विमान ही चलाया गया। वर्ष 2024 में व्यावसायिक उड़ानों का शुभारंभ हुआ था, लेकिन सीमित रूट और महंगी टिकट दरों के कारण यात्रियों की संख्या घटती चली गई।
रायपुर के साथ वाराणसी जोड़ने की योजना
मां महामाया एयरपोर्ट के डायरेक्टर सुशील श्रीवास्तव के अनुसार, मार्च के अंतिम सप्ताह में जारी होने वाले ग्रीष्मकालीन शेड्यूल में रायपुर के साथ वाराणसी रूट को शामिल करने पर चर्चा चल रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि रायपुर के अलावा वाराणसी और रांची जैसे शहरों को जोड़ा जाए, तो दरिमा एयरपोर्ट की उपयोगिता और भविष्य दोनों मजबूत हो सकते हैं।



