Baramkela News : छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ बिलाईगढ़ Drinking Water Crisis Solution) जिले से प्रशासन की तत्परता का एक सकारात्मक मामला सामने आया है। बरमकेला जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम गौरडीह के लगभग 300 परिवारों के लिए यह सप्ताह राहत भरी खबर लेकर आया। महीनों से गहराते पेयजल संकट ( से जूझ रहे ग्रामीणों की समस्या को जब राजधानी टाइम्स छत्तीसगढ़ ने प्रमुखता से उठाया, तो सोया हुआ प्रशासन अचानक जाग उठा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) ने मीडिया की रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर नया बोरिंग स्थापित कर ग्रामीणों को राहत प्रदान की।
ग्राम गौरडीह में निवास करने वाले परिवारों की स्थिति पिछले कुछ महीनों से अत्यंत दयनीय बनी हुई थी। गांव की उचित मूल्य की दुकान के सामने स्थित एकमात्र मुख्य हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा था और बोरिंग ने भी पानी देना बंद कर दिया था। इस गंभीर जल किल्लत (Drinking Water Crisis Solution) के कारण ग्रामीणों को भीषण गर्मी में पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसना पड़ रहा था। मजबूरी में लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए 500 मीटर दूर दूसरे के घरों या निजी स्रोतों पर निर्भर थे। 45 डिग्री के झुलसा देने वाले तापमान में बुजुर्गों और महिलाओं के लिए पानी ढोना एक बड़ी चुनौती बन गया था।
सिर्फ मिल रहा था आश्वासन Drinking Water Crisis Solution
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या (Drinking Water Crisis Solution) के सुधार के लिए विभाग को कई बार लिखित और मौखिक सूचना दी थी, लेकिन हर बार उन्हें केवल खोखले आश्वासन ही मिले। मैदानी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा था। जैसे ही यह मामला स्थानीय मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक हुआ, शासन के उच्च अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया।
खबर का असर इतना व्यापक रहा कि PHE के कार्यपालन अभियंता ने तत्काल संज्ञान लेते हुए विभाग की टीम को बोरिंग पाइप और भारी मशीनों के साथ गांव भेजा। कर्मचारियों ने युद्धस्तर पर काम करते हुए नया बोरिंग (Drinking Water Crisis Solution) तैयार किया और पानी की सप्लाई सुचारू रूप से शुरू कर दी। अब गांव के लोगों को अपने ही मोहल्ले में पर्याप्त जल मिल पा रहा है। इस त्वरित प्रशासनिक सुधार (Drinking Water Crisis Solution) की ग्रामीण अब प्रशंसा कर रहे हैं, हालांकि उनका यह भी कहना है कि यदि यह काम पहले हो जाता तो उन्हें महीनों की परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।

Discover more from RAJDHANI TIMES
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



