Colony Handover Process : आरडीए और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों का हैंडओवर, संयुक्त सर्वे के बाद तय होगी जिम्मेदारी

राज्य शासन के निर्देशों के तहत रायपुर की नौ आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम को सौंपने की तैयारी तेज हो गई है। अंतिम निर्णय से पहले नगर निगम, आरडीए और हाउसिंग बोर्ड संयुक्त सर्वे कर आधारभूत सुविधाओं, वित्तीय भार और रखरखाव व्यवस्था का विस्तृत तकनीकी मूल्यांकन करेंगे।

By admin
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Colony Handover Process
Highlights
  • शासन की नियमावली जारी होने के बाद ही शुरू होगी हैंडओवर प्रक्रिया
  • नगर निगम, आरडीए और हाउसिंग बोर्ड करेंगे संयुक्त तकनीकी सर्वे
  • पुरानी पाइपलाइन, सड़क और सीवरेज व्यवस्था बनेगी प्रमुख चुनौती

राज्य शासन के आदेश और निर्धारित नियमावली के तहत राजधानी रायपुर की आवासीय कॉलोनियों के प्रशासनिक हस्तांतरण की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच रही है। नगर निगम द्वारा रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) और छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की कुल नौ कॉलोनियों को अपने अधीन लेने की तैयारी की जा रही है। यह पूरा हैंडओवर (Colony Handover Process) शासन स्तर से जारी होने वाले विस्तृत दिशा-निर्देशों के अनुसार ही संपन्न किया जाएगा।

राज्य सरकार ने शहरी प्रशासन को अधिक एकीकृत और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से इन कॉलोनियों को नगर निगम के अधीन लाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, अंतिम आदेश जारी होते ही प्रशासनिक प्रक्रिया (Colony Handover Process) को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि नागरिक सुविधाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।

तीनों एजेंसियां संयुक्त सर्वेक्षण करेंगी

नगर निगम के नगर निवेशक ने जानकारी देते हुए बताया कि हैंडओवर से पहले तीनों एजेंसियां संयुक्त सर्वेक्षण करेंगी। इस सर्वे (Colony Handover Process) के दौरान पेयजल आपूर्ति प्रणाली, सीवरेज नेटवर्क, आंतरिक सड़कों, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, उद्यानों और सफाई प्रबंधन की वास्तविक स्थिति का तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की जिम्मेदारियां तय होंगी।

अधिकारियों का कहना है कि कई कॉलोनियां 15 से 20 वर्ष पुरानी हैं, जहां आधारभूत संरचनाएं अब जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी हैं। विशेष रूप से जलापूर्ति पाइपलाइन और नाली व्यवस्था को लेकर गंभीर तकनीकी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। इसलिए हस्तांतरण से पहले स्थिति का विस्तृत आंकलन (Colony Handover Process) अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है।

Colony Handover Process पाइपलाइन डेढ़ दशक से अधिक पुरानी

नगर निगम प्रशासन के अनुसार, यदि बिना मूल्यांकन के कॉलोनियों का हैंडओवर कर लिया गया तो भविष्य में रखरखाव का भारी वित्तीय बोझ निगम पर पड़ सकता है। इसी कारण वित्तीय दायित्व, अतिरिक्त स्टॉफ की आवश्यकता और वार्षिक रखरखाव योजना का निर्धारण भी इस पूरी प्रक्रिया (Colony Handover Process) का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।

बताया गया है कि अधिकांश कॉलोनियों में पेयजल पाइपलाइन डेढ़ दशक से अधिक पुरानी हो चुकी है और उनकी उपयोग अवधि लगभग समाप्ति पर है। कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं तथा सीवरेज लाइनें भी मरम्मत की स्थिति में हैं। इन सभी बिंदुओं का तकनीकी परीक्षण (Colony Handover Process) के अंतर्गत किया जाएगा ताकि भविष्य में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

Colony Handover Process अलग-अलग मूल्यांकन तैयार करेगी

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, शासन से स्पष्ट नियमावली प्राप्त होने के बाद संयुक्त टीम मौके पर निरीक्षण करेगी और प्रत्येक कॉलोनी की स्थिति का अलग-अलग मूल्यांकन तैयार करेगी। यह रिपोर्ट अंतिम निर्णय प्रक्रिया (Colony Handover Process) का आधार बनेगी, जिसके बाद ही कॉलोनियों को औपचारिक रूप से नगर निगम को सौंपा जाएगा।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में किसी प्रकार का अंतिम निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए केवल प्रारंभिक तैयारी की जा रही है। जैसे ही शासन से आदेश जारी होंगे, सर्वे टीम गठित कर वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन शुरू किया जाएगा। इस चरणबद्ध कार्यवाही (Colony Handover Process) में पारदर्शिता और तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया तेज

विशेषज्ञों का मानना है कि कॉलोनियों के नगर निगम के अधीन आने से नागरिक सेवाओं का केंद्रीकरण होगा और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया तेज हो सकती है। हालांकि, इसके साथ ही निगम को अतिरिक्त संसाधन और बजट प्रबंधन की चुनौती भी झेलनी पड़ सकती है। इसलिए संतुलित प्रशासनिक रणनीति (Colony Handover Process) को सफलता की कुंजी माना जा रहा है।

शहरी विकास से जुड़े जानकारों के अनुसार, यदि सर्वे के आधार पर पहले आवश्यक सुधार कार्य पूरे कर लिए जाते हैं, तो भविष्य में रखरखाव लागत कम होगी और नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता बेहतर बनेगी। यही कारण है कि शासन स्तर पर इस पूरी कार्ययोजना (Colony Handover Process) को दीर्घकालिक शहरी प्रबंधन सुधार के रूप में देखा जा रहा है।

फिलहाल नगर निगम, आरडीए और हाउसिंग बोर्ड शासन के अंतिम दिशा-निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आदेश जारी होते ही संयुक्त सर्वे और तकनीकी मूल्यांकन शुरू होगा, जिसके बाद ही कॉलोनियों का औपचारिक हस्तांतरण किया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि पूरी प्रक्रिया नागरिक हितों को प्राथमिकता में रखकर पूरी की जाएगी।


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