Bribery Case Chhattisgarh : जनपद पंचायत के एसडीओ 25 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। जनपद पंचायत पलारी में पदस्थ एसडीओ को एंटी करप्शन ब्यूरो ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। 10 लाख रुपये के कार्य के सत्यापन के बदले रिश्वत मांगने का मामला सामने आने से विभाग में हड़कंप मच गया है।

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Bribery Case Chhattisgarh
Highlights
  • जनपद पंचायत पलारी के एसडीओ 25 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार
  • 10 लाख रुपये के कार्य सत्यापन के बदले मांगी गई थी एक लाख रिश्वत
  • एसीबी की ट्रैप कार्रवाई से विभाग में मचा हड़कंप

Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ (Bribery Case Chhattisgarh) चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बलौदाबाजार जिले के जनपद पंचायत पलारी में पदस्थ ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) गोपाल कृष्ण शर्मा को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। रिश्वतखोरी कार्रवाई के इस मामले ने प्रशासनिक महकमे में हलचल पैदा कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी अधिकारी एक निर्माण कार्य के मूल्यांकन और सत्यापन के एवज में आवेदक से भारी रिश्वत की मांग कर रहा था। बताया जा रहा है कि लगभग 10 लाख रुपये के मुरुम समतलीकरण कार्य की तकनीकी जांच और स्वीकृति देने के बदले अधिकारी ने कुल एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। मामले से परेशान होकर संबंधित उप सरपंच ने इसकी शिकायत एसीबी से की, जिसके बाद भ्रष्टाचार जांच अभियान (Bribery Case Chhattisgarh) के तहत कार्रवाई की योजना बनाई गई।

एसीबी ने ट्रैप प्लान तैयार किया

शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी टीम ने पूरा ट्रैप प्लान तैयार किया। गुरुवार को आवेदक जब आरोपी एसडीओ को रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 25 हजार रुपये देने पहुंचा, उसी दौरान पहले से निगरानी कर रही टीम ने मौके पर दबिश देकर अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ लिया। इस दौरान पूरी कार्रवाई को साक्ष्य के रूप में रिकॉर्ड भी किया गया, जिससे रंगे हाथ गिरफ्तारी कार्रवाई (Bribery Case Chhattisgarh) मजबूत कानूनी आधार पर आगे बढ़ सके।

 

Bribery Case Chhattisgarh दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी

एसीबी अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के तुरंत बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया तथा उसके कार्यालय और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस तरह की अवैध वसूली का नेटवर्क लंबे समय से तो संचालित नहीं किया जा रहा था। टीम द्वारा कार्यालय में मौजूद फाइलों और वित्तीय दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार नेटवर्क जांच (Bribery Case Chhattisgarh) के सभी पहलुओं का खुलासा हो सके।

अनियमितता की शिकायतें पहले भी सामने आती रही

सूत्रों के अनुसार आरोपी अधिकारी द्वारा कार्यों के मूल्यांकन और भुगतान प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायतें पहले भी सामने आती रही थीं, लेकिन औपचारिक शिकायत के बाद पहली बार ठोस कार्रवाई संभव हो सकी। एसीबी की इस कार्रवाई से विभागीय कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है और कई अधिकारी सतर्क हो गए हैं।

एसीबी (Bribery Case Chhattisgarh) अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि किसी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग की जाती है तो तत्काल शिकायत दर्ज कराएं। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जवाबदेही बढ़ाने का काम करती है। ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंच सके।

फिलहाल आरोपी अधिकारी से पूछताछ जारी है और एसीबी टीम मामले से जुड़े अन्य संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

 

 

 

 

 


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