Sarangarh Bilaigarh News : छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग की सीलबंद देशी शराब (Baramkela Lendhra CG Liquor) की बोतलों में जहरीले जीव मिलने से हड़कंप मच गया है। प्रदेश में सरकारी काउंटरों से बेची जा रही शराब की गुणवत्ता और बॉटलिंग व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से सामने आया है, जहां एक सरकारी दुकान से खरीदी गई सीलबंद शीशी के भीतर मकडी मिलने का सनसनीखेज दावा किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड के तहत आने वाले ग्राम लेन्धरा की सरकारी शराब दुकान (Baramkela Lendhra CG Liquor) से गुरुवार शाम एक उपभोक्ता ने 200 एमएल वाली देशी मदिरा (प्लेन) की बोतल खरीदी थी। पैसे चुकाकर जब युवक ने बोतल हाथ में ली, तो उसे सीलबंद शीशी के भीतर कुछ काली आकृति हिलती हुई दिखाई दी।
संदेह होने पर जब उपभोक्ता ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर रोशनी डाली, तो बोतल के भीतर का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। बोतल के भीतर एक मकड़ी तैर रहा था। जबकि ढक्कन पर ‘छत्तीसगढ़ आबकारी’ की आधिकारिक सील लगी हुई थी। उपभोक्ता ने तत्काल इस हैरान करने वाले नजारे का वीडियो और फोटो अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्वालिटी चेक और बॉटलिंग प्लांट पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद से आबकारी विभाग के दावों की हवा निकल गई है। गौरतलब है कि प्रदेश में अवैध और मिलावटी शराब (Baramkela Lendhra CG Liquor) के कारण पूर्व में भी कई अप्रिय घटनाएं और मौतें सामने आ चुकी हैं। ऐसे में सरकार द्वारा संचालित दुकानों में बिकने वाली सीलबंद बोतलों में इस तरह के जहरीले जीवों का मिलना बेहद खतरनाक है। सजग उपभोक्ताओं का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति बिना देखे या रात के अंधेरे में इस जहरीली शराब का सेवन कर लेता, तो उसकी जान भी जा सकती थी।
इस लापरवाही ने सीधे तौर पर विभाग के बॉटलिंग प्लांट, डिस्टिलरी और क्वालिटी चेक (गुणवत्ता नियंत्रण) की पूरी प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि जब बोतलों को सील किया जाता है, तो क्या वहां कोई निरीक्षण नहीं होता? फिलहाल इस वायरल वीडियो के बाद स्थानीय आबकारी अमले में हड़कंप मचा हुआ है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
‘अंधेरे में गटक जाते तो जा सकती थी जान’ Baramkela Lendhra CG Liquor
पीड़ित उपभोक्ता ने बताया कि सरकारी दुकान से शराब खरीदने के बाद वह किस्मत से रोशनी में खड़ा था। हिलती हुई काली चीज दिखने पर जब टॉर्च जलाई, तब जाकर सच सामने आया। उपभोक्ताओं का कहना है कि अहातों या अंधेरी जगहों पर अक्सर लोग बिना देखे सीधे बोतल खोलकर पी जाते हैं। अगर यह लापरवाही किसी की जान पर बन आती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता?
सोशल मीडिया पर आबकारी विभाग की किरकिरी
सीलबंद बोतल के भीतर मकड़ी (Baramkela Lendhra CG Liquor) का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। यूजर्स सरकारी शराब की ऊंची कीमतों और घटिया क्वालिटी को लेकर विभाग को जमकर ट्रोल कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करने और दोषी डिस्टिलरी व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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