Cervical Fibroid Surgery : डाक्टरों ने जटिल आपरेशन कर महिला के गर्भाशय से निकाली बड़ी गांठ

By admin
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Cervical Fibroid Surgery

Chhattisgarh News : शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं सिम्स अस्पताल बिलासपुर (Cervical Fibroid Surgery) के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में चिकित्सकों की टीम ने एक अत्यंत दुर्लभ, जटिल और जोखिमपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर एक महिला को नया जीवन प्रदान किया है। यह बड़ी उपलब्धि सिम्स अस्पताल में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं और डॉक्टरों की उच्च दक्षता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।

दो साल से पीड़ित थी महिला

जानकारी के अनुसार, दुजी बाई (45 वर्ष) को बेहद गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) से सिम्स अस्पताल बिलासपुर (Cervical Fibroid Surgery) रेफर किया गया था। मरीज पिछले लगभग दो वर्षों से लगातार पेट दर्द, अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लिडिंग), भारी कमजोरी और गंभीर शारीरिक असहजता की समस्या से पीड़ित थीं। अस्पताल में प्रारंभिक जांच और अंदरूनी परीक्षण (डायग्नोसिस) के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि गर्भाशय के मुंह (सर्विक्स) में लगभग 15×14 सेंटीमीटर आकार का एक विशाल सर्वाइकल फाइब्रॉइड पॉलीप विकसित हो चुका था।

पेशाब की नली और किडनी पर बन रहा था दबाव

चिकित्सकों के मुताबिक, महिला के गर्भाशय (Cervical Fibroid Surgery) में मौजूद यह गांठ अत्यधिक संक्रमित (इंफेक्टेड) हो चुकी थी और इसका आकार बढ़कर लगभग 27 सप्ताह के गर्भ के बराबर हो चुका था। यह विशाल गांठ दो हिस्सों में विभाजित होकर पेट के निचले हिस्से, पेशाब की नली और किडनी पर लगातार भारी दबाव बना रही थी, जिससे मरीज की स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही थी। संक्रमण और लगातार हो रहे रक्तस्राव के कारण यह पूरा मामला चिकित्सकीय दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण, रिस्की और जानलेवा स्थिति में पहुंच चुका था।

कई घंटों की मेहनत से बचाया जीवन

मरीज की इस अत्यंत नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉ. संगीता रमन जोगी के मार्गदर्शन में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक विशेष टीम गठित की गई। कई घंटों तक चली इस जटिल और उच्च जोखिम वाली सर्जरी को स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमन जोगी, सह प्राध्यापक डॉ. दीपिका सिंह, डॉ. रचना जैन, डॉ. सोमा वेंकट और वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. आकृति यादव ने पूरी कुशलता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न किया।

सर्जरी (Cervical Fibroid Surgery) के दौरान डॉक्टरों ने उस विशाल गांठ को दो अलग-अलग हिस्सों में विभाजित कर अत्यंत सावधानीपूर्वक बाहर निकाला। ऑपरेशन के वक्त अत्यधिक ब्लीडिंग और संक्रमण फैलने का लगातार खतरा बना हुआ था, वहीं दूसरी तरफ पेशाब की नली और आसपास के अन्य महत्वपूर्ण संवेदनशील अंगों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित रखना भी डॉक्टरों के लिए एक बड़ी परीक्षा थी। इसके बावजूद मेडिकल टीम ने अपने अनुभव और धैर्य का परिचय देते हुए ऑपरेशन को पूरी तरह सफल बनाया।

एनेस्थीसिया विभाग का रहा महत्वपूर्ण सहयोग

इस बेहद जटिल सर्जरी को अंजाम देने में बेहोशी (एनेस्थीसिया) विभाग की भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही। एनेस्थीसिया विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. श्वेता और डॉ. मिल्टन ने पूरी सर्जरी के दौरान मरीज के वाइटल्स और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित रखते हुए सर्जिकल टीम को बैकअप प्रदान किया।

वर्तमान में ऑपरेशन के बाद मरीज सिम्स अस्पताल के स्त्री रोग वार्ड में डॉक्टरों की देखरेख में भर्ती हैं और उनके स्वास्थ्य में लगातार तेजी से सुधार हो रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि मरीज की रिकवरी पूरी तरह संतोषजनक है और जल्द ही उन्हें पूर्ण रूप से स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से डिस्चार्ज कर घर भेज दिया जाएगा।

 

 

 

 

 


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