Gariaband Bribery Case : गरियाबंद जिले के छुरा तहसील में पदस्थ (Gariaband Patwari Suspension) पटवारी खेमचंद साहू पर लगे रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और ऑडियो क्लिप (Gariaband Bribery Case) में पटवारी द्वारा राजस्व कार्यों के बदले पैसे मांगने और कथित तौर पर उच्च अधिकारियों तक रकम पहुंचाने की बात सामने आई थी। इस वायरल सामग्री के सामने आने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया और प्रशासन हरकत में आ गया।
प्रारंभिक जांच में मिली गड़बड़ी Gariaband Patwari Suspension
बताया जा रहा है कि हल्का क्रमांक 28 दूल्ला और 36 केवटीझर में पदस्थ पटवारी के खिलाफ अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में मामला (Gariaband Bribery Case) प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितता और भ्रष्टाचार से जुड़ा पाया गया, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई की गई।
कलेक्टर ने जारी किया आदेश
जिला कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-09 के तहत कार्रवाई (Gariaband Bribery Case) करते हुए निलंबन आदेश जारी किया।
निलंबन अवधि के दौरान पटवारी (Gariaband Patwari Suspension) का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय, भू-अभिलेख शाखा, जिला गरियाबंद निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पूरे मामले (Gariaband Bribery Case) की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित की जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आगे कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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