छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला क्षेत्र में पीएम सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana Scam) को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले किसानों ने योजना के नाम पर पंजीयन और वेंडर से जुड़ी गड़बड़ियों के आरोप लगाए थे, वहीं अब मामला प्रशासन तक पहुंचने की तैयारी में है। किसानों का कहना है कि यह पूरा मामला पीएम सूर्य घर योजना के नाम पर उन्हें फंसाने और घटिया सोलर सामग्री थमाने से जुड़ा हुआ है।
बरमकेला क्षेत्र के कई किसानों ने बताया कि वे सरकार की महत्वाकांक्षी सौर ऊर्जा योजना से जुड़कर अपने घर और खेतों के लिए बिजली की सुविधा पाना चाहते थे। इसी उम्मीद में उन्होंने योजना के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन अब उन्हें लग रहा है कि पीएम सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana Scam) के नाम पर उनके साथ गलत तरीके से प्रक्रिया पूरी कराई गई।
दस्तावेज और ओटीपी लेकर कराया गया पंजीयन
किसानों के अनुसार कृषि विभाग से जुड़े कुछ अधिकारियों और संबंधित लोगों ने उनसे योजना का लाभ दिलाने का भरोसा दिलाया। इस दौरान उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर सहित कई जरूरी दस्तावेज मांगे गए।
किसानों का आरोप है कि इन दस्तावेजों के साथ-साथ मोबाइल पर आए ओटीपी भी उनसे ले लिए गए और उसी आधार पर उनका ऑनलाइन पंजीयन कर दिया गया। किसानों का कहना है कि उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि योजना के तहत अच्छी कंपनी का सोलर पैनल लगाया जाएगा, लेकिन बाद में दूसरी कंपनी की सामग्री देने की बात कही गई। किसानों के मुताबिक यह पूरा मामला पीएम सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana Scam) से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है।
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PM Surya Ghar Yojana Scam अधिकारियों ने नहीं सुनी किसानों की गुहार
पीड़ित किसानों का कहना है कि जब उन्हें इस बात की जानकारी मिली कि मनचाही कंपनी की जगह दूसरी कंपनी की सोलर किट दी जाएगी, तो उन्होंने कृषि विभाग से संपर्क करने की कोशिश की। किसानों ने बताया कि इस मामले को लेकर कृषि विभाग के एसएडीओ बसंत नायक को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
इसके बाद नाराज किसान कृषि विभाग के कार्यालय पहुंचे और मौखिक रूप से शिकायत दर्ज कराई। किसानों का आरोप है कि वहां भी उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि अधिकारी इस मामले की जिम्मेदारी जिला स्तर के अधिकारियों पर डाल रहे हैं। किसानों के अनुसार यह स्थिति पीएम सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana Scam) को लेकर संदेह और बढ़ा रही है।
ब्रांडेड किट की जगह लोकल सामग्री देने का आरोप
किसानों का आरोप है कि शुरुआत में उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि नामी कंपनी की सोलर किट लगाई जाएगी। लेकिन अब कथित रूप से स्थानीय और कम गुणवत्ता वाली सामग्री देने की तैयारी की जा रही है।
किसानों का कहना है कि यदि ऐसा हुआ तो यह उनके साथ आर्थिक और तकनीकी दोनों तरह से नुकसानदेह होगा। उनका आरोप है कि कुछ लोग मिलीभगत से ब्रांडेड किट की जगह लोकल और घटिया सोलर किट देकर लाभ कमाने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि यह सच है तो यह पीएम सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana Scam) का गंभीर मामला बन सकता है।
PM Surya Ghar Yojana Scam की कलेक्टर से करेंगे शिकायत
इस पूरे घटनाक्रम से किसानों में काफी नाराजगी है। अब बरमकेला क्षेत्र के किसान एकजुट होकर कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि वे लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की जाएगी। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें अच्छी गुणवत्ता की सोलर किट और पारदर्शी प्रक्रिया नहीं दी गई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए भी मजबूर हो सकते हैं।
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किसानों का कहना है कि सरकार की योजना का उद्देश्य लोगों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है, लेकिन यदि इस तरह के आरोप सामने आते रहे तो योजना पर लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है। इसलिए प्रशासन को जल्द से जल्द मामले की जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए, ताकि किसानों को न्याय मिल सके और पीएम सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana Scam) को लेकर फैल रही शंकाएं दूर हो सकें।

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