Lunar Eclipse 2026 : आज मंगलवार को लगने वाला पूर्ण चंद्रग्रहण (Chandra Grahan Today) खगोल विज्ञान के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है। भारत के अधिकांश हिस्सों में यह पूर्ण चंद्रग्रहण विभिन्न चरणों में दिखाई देगा, हालांकि देश के कुछ अत्यंत पश्चिमी क्षेत्रों में इसका दृश्य संभव नहीं होगा। छत्तीसगढ़ की बात करें तो राजधानी रायपुर ही एकमात्र स्थान होगा जहां इस (Lunar Eclipse 2026) का अंतिम आंशिक चरण देखा जा सकेगा।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार चंद्रग्रहण की शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजकर 20 मिनट (IST) पर होगी। यह समय भारत में पूर्ण चंद्रग्रहण (Chandra Grahan Today) के प्रारंभिक चरण का संकेत देगा। ग्रहण का समापन शाम 6 बजकर 48 मिनट पर होगा। वहीं इसका पूर्ण चरण, जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की गहरी छाया यानी उम्ब्रा में रहेगा, वह शाम 4 बजकर 34 मिनट से 5 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। यही वह समय होगा जब अपने चरम पर होगा।
भारत के अधिकतर स्थानों पर चंद्रग्रहण (Chandra Grahan Today) का अंतिम चरण चंद्रमा के उदय के साथ दिखाई देगा। पूर्वोत्तर भारत और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ क्षेत्रों में पूर्ण चंद्रग्रहण (Chandra Grahan Today) का पूर्ण चरण भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। इस ग्रहण का परिमाण (Magnitude) 1.155 मापा गया है, जो इसे पूर्ण चंद्रग्रहण की श्रेणी में स्थापित करता है।
यह खगोलीय घटना केवल भारत तक सीमित नहीं रहेगी। पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के कई हिस्सों में भी पूर्ण चंद्रग्रहण (Lunar Eclipse 2026) दिखाई देगा। वैश्विक स्तर पर यह खगोल प्रेमियों और वैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का विषय बना हुआ है।
सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की सीध में आने से बनती है स्थिति
खगोल विज्ञान के अनुसार चंद्रग्रहण पूर्णिमा (Chandra Grahan Today) के दिन तब लगता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं। पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच में आकर अपनी छाया चंद्रमा पर डाल देती है। जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की गहरी छाया में प्रवेश कर जाता है, तब उसे पूर्ण चंद्रग्रहण कहा जाता है। इसी वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत आज का पूर्ण चंद्रग्रहण (Chandra Grahan Today) घटित हो रहा है।
यदि चंद्रमा का केवल एक भाग छाया में प्रवेश करता है, तो उसे आंशिक चंद्रग्रहण कहा जाता है। लेकिन इस बार का पूर्ण चंद्रग्रहण (Chandra Grahan Today) पूर्ण श्रेणी में इसलिए शामिल है क्योंकि इसका मैग्निट्यूड 1.155 है।
मैग्निट्यूड 1.0 से अधिक होने का अर्थ
जब भी चंद्रग्रहण (Chandra Grahan Today) होता है, वैज्ञानिक यह मापते हैं कि चंद्रमा का कितना हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में गया है। इसे ग्रहण का परिमाण या मैग्निट्यूड कहा जाता है। यदि मैग्निट्यूड 1.0 से कम हो तो चंद्रमा का पूरा भाग छाया में नहीं जाता और ग्रहण आंशिक माना जाता है।
यदि यह 1.0 के बराबर हो तो चंद्रमा पूरी तरह छाया को स्पर्श करता है। लेकिन जब यह 1.0 से अधिक हो जाता है, तब चंद्रमा पूरी तरह गहरी छाया में प्रवेश कर अतिरिक्त भाग भी भीतर चला जाता है। आज के पूर्ण चंद्रग्रहण (Lunar Eclipse 2026) में मैग्निट्यूड 1.155 है, यानी चंद्रमा का लगभग 15.5 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सा भी उम्ब्रा में रहेगा।
इसी कारण यह (Lunar Eclipse 2026) स्पष्ट और प्रभावशाली पूर्ण चंद्रग्रहण माना जा रहा है। ऐसे ग्रहण के दौरान चंद्रमा अक्सर तांबे या लाल रंग का दिखाई देता है, जिसे सामान्य भाषा में “ब्लड मून” कहा जाता है।
रायपुर में 41 मिनट तक दिखेगा अंतिम चरण
छत्तीसगढ़ में यह पूर्ण चंद्रग्रहण केवल राजधानी रायपुर में आंशिक रूप से दिखाई देगा। रायपुर में चंद्रमा का उदय शाम 6 बजकर 07 मिनट पर होगा। उस समय (Lunar Eclipse 2026) अपने अंतिम चरण में रहेगा।
खगोलीय गणनाओं के अनुसार रायपुर में ग्रहण की दृश्य अवधि लगभग 41 मिनट रहेगी। यानी चंद्रमा के उदय के समय उसका एक हिस्सा पृथ्वी की छाया में रहेगा और धीरे-धीरे सामान्य रूप में लौट आएगा। शाम 6:48 बजे (18:48 IST) पर पूर्ण चंद्रग्रहण (Lunar Eclipse 2026) पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
Chandra Grahan Today ब्लड मून प्रभाव क्यों नहीं दिखेगा?
रायपुर में “ब्लड मून” प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा क्योंकि पूर्णता का चरण चंद्रमा के उदय से पहले समाप्ति की ओर होगा। जब तक चंद्रमा क्षितिज पर दिखाई देगा, तब तक पूर्ण चंद्रग्रहण (Lunar Eclipse 2026) का अधिकांश भाग बीत चुका होगा। इसलिए यहां केवल अंतिम आंशिक चरण ही दिखाई देगा। चांद थोड़ा-सा कटा या धुंधला दिखाई दे सकता है, लेकिन लालिमा वाला पूर्ण दृश्य संभव नहीं है।
Chandra Grahan Today पिछला और अगला चंद्रग्रहण
भारत में इससे पहले 7-8 सितंबर 2025 को पूर्ण चंद्रग्रहण देखा गया था। अगला चंद्रग्रहण जो भारत में दिखाई देगा, वह 6 जुलाई 2028 को लगेगा, जो आंशिक होगा। वैज्ञानिकों के अनुसार (Lunar Eclipse 2026) खगोलीय अध्ययन और आम जनता के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। खगोल विशेषज्ञों का कहना है कि चंद्रग्रहण को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती। यह नंगी आंखों से सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है। हालांकि साफ आसमान और प्रकाश प्रदूषण से दूर स्थान बेहतर अनुभव प्रदान करते हैं। आज का यह खगोलीय संयोग विज्ञान, आस्था और प्रकृति के अद्भुत संतुलन को दर्शाता है। (Lunar Eclipse 2026) एक बार फिर यह साबित करता है कि ब्रह्मांड की गतिविधियां कितनी सटीक गणनाओं और प्राकृतिक नियमों पर आधारित हैं।

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