3000 Rupees Monthly Pension : असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों (Unorganised Workers Pension Scheme) को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत पात्र श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद प्रतिमाह 3000 रुपये की सुनिश्चित पेंशन दी जाएगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए इच्छुक श्रमिकों को 15 मार्च 2026 तक पंजीयन कराना अनिवार्य है।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (Unorganised Workers Pension Scheme) असंगठित क्षेत्र में कार्यरत उन श्रमिकों के लिए है, जिनकी नियमित आय सीमित है और जिनके पास बुढ़ापे में आय का कोई स्थायी साधन नहीं होता। इस योजना के माध्यम से श्रमिकों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

(Unorganised Workers Pension Scheme) कम अंशदान में मिलेगा बड़ा लाभ
योजना के अंतर्गत 18 वर्ष की आयु में पंजीयन कराने वाले श्रमिक को प्रतिमाह मात्र 55 रुपये का अंशदान करना होगा। यह अंशदान 60 वर्ष की आयु तक जमा किया जाएगा। इस प्रकार कुल 27,720 रुपये की राशि जमा करने पर 60 वर्ष की आयु पूर्ण होते ही हितग्राही को प्रतिवर्ष 36,000 रुपये यानी प्रतिमाह 3000 रुपये की पेंशन मिलना शुरू हो जाएगी। पहले ही वर्ष में जमा राशि से अधिक राशि पेंशन के रूप में प्राप्त हो जाने से यह योजना श्रमिकों के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जा रही है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ
इस योजना (Unorganised Workers Pension Scheme) का लाभ 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग का कोई भी व्यक्ति ले सकता है, जो किसी भी प्रकार के काम या रोजगार में संलग्न हो और जिसकी मासिक आय 15,000 रुपये से कम हो। साथ ही, लाभार्थी किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभ नहीं ले रहा होना चाहिए।
लघु व्यापारी और स्वरोजगारी भी पात्र
लघु व्यापारी एवं स्वरोजगार से जुड़े नाई, धोबी, मोची, दर्जी, पान दुकान संचालक, छोटे किराना दुकानदार, छोटे होटल या चाय दुकान चलाने वाले भी इस योजना के दायरे में आते हैं। ऐसे व्यापारी जिनका वार्षिक टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से कम है और जिनका आयकर रिटर्न शून्य है, वे भी इस योजना के लिए पात्र होंगे।
इन श्रमिक वर्गों को भी मिलेगा लाभ
कामगार या श्रमिक वर्ग (Unorganised Workers Pension Scheme) के अंतर्गत घरों में काम करने वाली महिलाएं, नौकर-नौकरानी, रिक्शा चालक, ऑटो चालक, फेरीवाले, रेहड़ी-पटरी वाले, कुली, नल मिस्त्री, बिजली मिस्त्री, टाइल्स मिस्त्री, बढ़ई, हमाल, सफाई कर्मचारी, पोताई करने वाले, सरकारी कार्यालयों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, रसोईया, चौकीदार, सुरक्षा गार्ड, दूध वितरक, चरवाहा, मछुआरा, अखबार विक्रेता, कचरा बीनने वाले, मनरेगा श्रमिक, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका, मितानिन तथा आशा कार्यकर्ता भी योजना के अंतर्गत पात्र माने गए हैं।

पंजीयन की प्रक्रिया
योजना (Unorganised Workers Pension Scheme) के लिए पंजीयन लोक सेवा केंद्र (सीएससी) अथवा च्वाईस सेंटरों के माध्यम से कराया जा सकता है। पंजीयन के दौरान आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और मोबाइल नंबर आवश्यक होगा। श्रम विभाग ने पात्र श्रमिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते पंजीयन कराकर योजना का लाभ सुनिश्चित करें।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बुढ़ापे में आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिससे लाखों श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।











