Mayali Eco Tourism Festival : मयाली में एटीवी राइडिंग, स्पीड बोटिंग, कायकिंग व क्रिकेट के साथ इको-टूरिज़्म का अनूठा उत्सव

By admin
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Mayali Eco Tourism Festival

Jashpur Tourism : नववर्ष 2026 के पावन अवसर पर जशपुर जिले के मयाली नेचर कैम्प (Mayali Eco Tourism Festival) में प्रकृति, रोमांच और पर्यटन का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। जशपुर वनमण्डल द्वारा वन प्रबंधन समितियों के सहयोग से यहां एडवेंचर गतिविधियों और इको-टूरिज़्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भव्य आयोजन किया गया है।

Mayali Eco Tourism Festival
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इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य पर्यटकों को सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और प्रकृति से जुड़ा यादगार अनुभव प्रदान करना है। घने वनों, शांत जलाशय और हरियाली से आच्छादित मयाली नेचर कैम्प में आयोजित यह कार्यक्रम इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है ।

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नए साल के स्वागत के लिए मयाली नेचर कैम्प में विशेष रूप से रोमांचक गतिविधियों की श्रृंखला तैयार की गई है। यहां आने वाले पर्यटक एटीवी राइडिंग, स्पीड बोटिंग, कायकिंग और क्रिकेट जैसी गतिविधियों का भरपूर आनंद ले सकते हैं। प्राकृतिक वातावरण के बीच इन साहसिक खेलों का अनुभव पर्यटकों के लिए रोमांच के साथ सुकून भी लेकर आ रहा है। यही वजह है कि मयाली में आयोजित यह आयोजन (Mayali Eco Tourism Festival) जशपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों के लोगों के बीच भी खासा लोकप्रिय हो रहा है।

Mayali Eco Tourism Festival
Mayali Eco Tourism Festival

इस आयोजन (Mayali Eco Tourism Festival) को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए वन विभाग ने गतिविधियों का शुल्क भी बेहद किफायती रखा है। प्रत्येक गतिविधि के लिए मात्र 100 रुपये का नाममात्र शुल्क निर्धारित किया गया है, ताकि हर वर्ग के लोग बिना किसी आर्थिक दबाव के इसमें भाग ले सकें। कम शुल्क में सुरक्षित व्यवस्था और भरपूर रोमांच मिलने से परिवारों, युवाओं और पर्यटकों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है ।

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जशपुर वनमण्डल के वनमण्डलाधिकारी शशि कुमार ने बताया कि मयाली नेचर कैम्प (Mayali Eco Tourism Festival) में संचालित सभी गतिविधियां प्रशिक्षित कर्मियों की निगरानी में कराई जा रही हैं। सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा या जोखिम का सामना न करना (Mayali Eco Tourism Festival) पड़े। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। वन विभाग का उद्देश्य है कि पर्यटन के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए ।

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रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे

इस इको-टूरिज़्म आयोजन से स्थानीय वन प्रबंधन समितियों और ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं। एटीवी संचालन, बोटिंग, कायकिंग, पर्यटकों का मार्गदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था जैसे कार्यों में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और स्थानीय समुदाय का पर्यटन से सीधा जुड़ाव भी बढ़ रहा है। मयाली नेचर कैम्प में हो रहा यह आयोजन (Mayali Eco Tourism Festival) जशपुर जिले को इको-टूरिज़्म के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर मयाली नेचर कैम्प उन लोगों के लिए आदर्श स्थल बनकर उभरा है, जो नए साल की शुरुआत शांति, सुकून और रोमांच के साथ करना (Mayali Eco Tourism Festival) चाहते हैं। यहां का शांत वातावरण, हरियाली और जलाशय पर्यटकों को शहरों की भागदौड़ से दूर प्रकृति के करीब ले जाते हैं। वन विभाग जशपुर ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नववर्ष के अवसर पर अपने परिवार और मित्रों के साथ मयाली नेचर कैम्प का भ्रमण करें, इन आकर्षक गतिविधियों का आनंद लें और स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहयोग करें।

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