Sariya News : छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड अंतर्गत सरिया (sariya) ब्लॉक के ग्राम पंचायत लुकापारा में वर्षों से बड़े श्रद्धा भाव के साथ रामसप्ताह का आयोजन होता आ रहा है। इस परंपरा में इस बार गांव की बेटी रिंकी साहू (Teacher Rinki Sahu News) ने ऐसा कदम उठाया है, जिसने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
रिंकी साहू, जो हाल ही में शिक्षिका बनी हैं, ने अपने जीवन का पहला वेतन 38,654 रुपये सेवा भावना से सीधे जगन्नाथ मंदिर समिति को प्रदान कर दिया। उनका कहना है कि उन्हें यह सौभाग्य प्राप्त हुआ कि पहले वेतन की राशि धर्म और समाज की सेवा में समर्पित कर सकीं।
रिंकी साहू, सुधाकर साहू और सब्या साहू की पुत्री हैं। बचपन से ही धार्मिक माहौल और संस्कारों के बीच पली-बढ़ी रिंकी ने साबित कर दिया कि नई पीढ़ी भी परंपराओं और संस्कृति के प्रति गहरी निष्ठा रखती है।
गांव के लोगों और जगन्नाथ मंदिर समिति ने उनके इस कदम की सराहना करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ग्रामवासियों का कहना है कि रिंकी का यह निर्णय युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन गया है।
पहली कमाई को कर दिया समर्पित (Teacher Rinki Sahu News)
पहली कमाई अक्सर लोग अपनी व्यक्तिगत ज़रूरतों या सपनों पर खर्च करते हैं, लेकिन रिंकी ने इसे समाज और धर्म को अर्पित कर एक मिसाल कायम की है। यह केवल आर्थिक योगदान नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और संस्कारों का परिचय भी है।
आज लुकापारा के लिए रिंकी साहू सिर्फ एक शिक्षिका ही नहीं, बल्कि प्रेरणा की मिसाल बन गई हैं। उनकी यह पहल आने वाली पीढ़ियों को भी समाज और संस्कृति के प्रति जागरूक होने का संदेश देती है।