Toll Tax Hike Chhattisgarh 2026 : छत्तीसगढ़ में सड़क सफर पर महंगाई की मार! 1 अप्रैल से सभी टोल प्लाजा पर जेब होगी ढीली

छत्तीसगढ़ के नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बुरी खबर है। एनएचएआई ने वार्षिक टोल दरों में संशोधन (Toll Rate Revision) करते हुए नई कीमतें लागू कर दी हैं। अब बिलासपुर-रायपुर मार्ग सहित प्रदेश के सभी प्रमुख टोल नाकों पर ज्यादा टैक्स चुकाना होगा, जिससे आम आदमी का बजट बिगड़ना तय है।

5 Min Read
Toll Tax Hike Chhattisgarh 2026
Highlights
  • दामों में बढ़ोतरी : छोटे वाहनों के लिए 1 से 10 रुपये और मासिक पास पर 75 रुपये तक की वृद्धि।
  • कैशलेस सिस्टम : 1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद, केवल फास्टैग और ऑनलाइन मोड मान्य।
  • प्रभावित क्षेत्र : छत्तीसगढ़ के 26 टोल प्लाजा पर करीब 1 लाख से अधिक वाहन चालक सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।

Toll Rate Revision : छत्तीसगढ़ में गर्मी की दस्तक के साथ ही अब हाईवे (Toll Tax Hike Chhattisgarh 2026) का सफर भी ‘तपने’ वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी वार्षिक टोल दरों में संशोधन (Toll Rate Revision) की घोषणा कर दी है।

1 अप्रैल से लागू होने वाले इस नए नियम के तहत बिलासपुर, रायपुर, कोरबा, अंबिकापुर और रायगढ़ को जोड़ने वाले सभी नेशनल हाईवे पर सफर करना महंगा हो जाएगा। इस फैसले का सबसे बड़ा असर उन नियमित यात्रियों पर पड़ेगा जो मासिक या वार्षिक पास का उपयोग करते हैं, क्योंकि उनके शुल्क में 75 रुपये की एकमुश्त बढ़ोतरी की गई है।

पड़ोसी जिलों के बीच आना-जाना हुआ महंगा

एनएचएआई द्वारा किए गए इस टोल दरों में संशोधन (Toll Rate Revision) का सीधा असर बिलासपुर जिले के चार प्रमुख टोल प्लाजा भोजपुरी, मुढ़ीपार, पाराघाट और बगदेवा पर दिखाई देगा। इन मार्गों से रोजाना औसतन एक लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं।

विशेष रूप से रायपुर और बिलासपुर के बीच व्यापारिक या व्यक्तिगत कारणों से आवाजाही करने वाले लोगों के लिए यह आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला साबित होगा। हालांकि, स्थानीय निवासियों (20 किमी के दायरे वाले) के लिए राहत की बात यह है कि उन्हें पुराने रियायती दरों पर ही सफर करने की छूट मिलती रहेगी, लेकिन कमर्शियल और बाहरी वाहनों के लिए अब प्रति चक्कर 5 से 10 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।

कैश लेन-देन पर पूर्ण प्रतिबंध, अब सिर्फ डिजिटल भुगतान

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के विजन को आगे बढ़ाते हुए एनएचएआई ने एक और कड़ा कदम उठाया है। 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे के टोल बूथों पर नकद (Cash) लेन-देन की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इस नए टोल दरों में संशोधन (Toll Rate Revision) के साथ-साथ अब केवल फास्टैग (FASTag) या यूपीआई (UPI) के माध्यम से ही भुगतान स्वीकार किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के सभी 26 टोल प्लाजा पर यह नियम सख्ती से लागू होगा। अधिकारियों का कहना है कि नकद भुगतान के कारण टोल पर लगने वाली लंबी कतारों और छुट्टे पैसों को लेकर होने वाले विवादों को खत्म करने के लिए यह फैसला अनिवार्य था।

;s

बीओटी (BOT) सिस्टम और निजी कंपनियों का मुनाफा

छत्तीसगढ़ में वर्तमान में नेशनल हाईवे के 3620 किलोमीटर के नेटवर्क में कुल 26 टोल प्लाजा संचालित हैं। इनमें से कई सड़कों का निर्माण 2008 से पहले ‘बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर’ (BOT) मॉडल के तहत हुआ था।

इन सड़कों पर होने वाले टोल दरों में संशोधन (Toll Rate Revision) से मिलने वाली अतिरिक्त राशि सीधे उन निजी कंपनियों के पास जाती है जिन्होंने सड़क का निर्माण किया है। चूंकि इन कंपनियों के अनुबंध में हर साल महंगाई दर (WPI) के आधार पर टोल बढ़ाने का प्रावधान होता है, इसलिए हर साल अप्रैल में जनता को यह झटका सहना पड़ता है।

बिना फास्टैग के सफर पड़ेगा दोगुना महंगा

मौजूदा नियमों के तहत यदि कोई वाहन चालक बिना वैध फास्टैग के ‘फास्टैग लेन’ में प्रवेश करता है, तो उसे दंड स्वरूप दोगुना टोल चुकाना पड़ता है। वहीं, जिन प्लाजा पर यूपीआई की सुविधा है, वहां डिजिटल ट्रांजैक्शन न करने पर 1.25 गुना शुल्क वसूलने का प्रावधान है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि हाईवे पर मैन्युअल हस्तक्षेप को शून्य किया जाए।

इस वार्षिक टोल दरों में संशोधन (Toll Rate Revision) के पीछे मुख्य तर्क यह दिया जा रहा है कि इससे सड़कों के रखरखाव की गुणवत्ता में सुधार होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

ट्रैफिक प्रवाह में सुधार की उम्मीद Toll Tax Hike Chhattisgarh 2026

एनएचएआई के विशेषज्ञों का मानना है कि नकद भुगतान बंद होने और फास्टैग के अनिवार्य उपयोग से टोल प्लाजा पर प्रति वाहन लगने वाला समय 10-15 सेकंड से घटकर मात्र 3-4 सेकंड रह जाएगा। व्यस्त समय (Peak Hours) में जो टोल प्लाजा जाम का केंद्र बन जाते थे, वहां अब ट्रैफिक का प्रवाह निरंतर बना रहेगा। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों के उन वाहन चालकों के लिए यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है जो तकनीकी रूप से अभी भी डिजिटल भुगतान से पूरी तरह नहीं जुड़े हैं।

 

 


Discover more from RAJDHANI TIMES

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article

Discover more from RAJDHANI TIMES

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading