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  • Chhattisgarh CM मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय झगरपुर में श्री श्री रणेश्वर रामचण्डी मंदिर के वेदी पूजन में हुए शामिल

    Chhattisgarh CM मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय झगरपुर में श्री श्री रणेश्वर रामचण्डी मंदिर के वेदी पूजन में हुए शामिल

    Rajdhani times chhattisgarh मुख्यमंत्री  साय ने माता का दुग्धाभिषेक कर प्रदेशवासियों के सुख- शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की

    श्री राम ने माता से रणभूमि में मांगा था लंका विजय का आशीर्वाद, तभी से कहलायी-रणेश्वर रामचंडी
    रायगढ़, 10 अक्टूबर 2025  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय लैलूंगा विकासखंड के झगरपुर में आयोजित श्री श्री रणेश्वर रामचण्डी मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के वेदी पूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। यहां उन्होंने माता रणेश्वर रामचण्डी का दुग्धाभिषेक कर प्रदेशवासियों के सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
    इस अवसर पर वित्त मंत्री  ओ.पी.चौधरी, लोकसभा सांसद  राधेश्याम राठिया, पूर्व मंत्री  सत्यानंद राठिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  दीपक सिदार, अरुणधर दीवान, गुरुपाल भल्ला, श्रीकांत सोमावार, श्रीमती सुनीति राठिया, रत्थू गुप्ता, भुनेश्वर सदावर्ती, रसिकलाल सा भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि झगरपुर में 8 अक्टूबर से कोलता समाज की कुलदेवी श्री श्री रणेश्वर रामचण्डी माता के नव निर्मित मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का पांच दिवसीय कार्यक्रम चल रहा है।

    श्री राम ने माता से रणभूमि में मांगा था लंका विजय का आशीर्वाद 
    कोलता समाज में मान्यता है कि लंका विजय अभियान में युद्ध से पहले प्रभु श्री राम ने रणभूमि में 9 दिनों तक चण्डी माता की कठोर साधना कर युद्ध में विजयी होने का आशीष मांगते हैं। उनकी इस उपासना से माता प्रसन्न होती हैं और श्री राम को विजयी होने का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। इस घटना के बाद से ही माता ’रणेश्वर रामचण्डी’ के नाम से ख्यात हुईं। कोलता समाज में माता कुलदेवी के रूप में पूजित हैं।

  • रायगढ़ के केलो नदी में बड़ा हादसा, नहाने गई बच्ची की डूबने से मौत; शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

    रायगढ़ के केलो नदी में बड़ा हादसा, नहाने गई बच्ची की डूबने से मौत; शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

    मिली जानकारी के अनुसार, जोगीडीपा निवासी 8 वर्षीय बच्ची अपनी सहेलियों के साथ समलाई घाट के पास नदी में नहाने आई थी। नहाने के दौरान बच्ची गहराई में चली गई और डूब गई। साथ में मौजूद सहेलियों ने जब उसे नहीं खोज पाया तो उन्होंने आसपास के लोगों को मामले की जानकारी दी।

    पुलिस को सूचना मिलने पर एसडीआरएफ टीम के साथ तलाशी अभियान चलाया गया, जिसके बाद बच्ची का शव मिला। बताया जा रहा है कि बच्ची करीबन आधे घंटे तक पानी में डूबी रही, जिससे उसकी सांस टूट गई थी।

    कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है। इस घटना से बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

  • सहकारी समिति टेण्डा नावापारा में करोड़ों की गड़बड़ी करने वाले एक और फरार आरोपी गिरफ्तार, घरघोड़ा पुलिस ने भेजा रिमांड पर

    सहकारी समिति टेण्डा नावापारा में करोड़ों की गड़बड़ी करने वाले एक और फरार आरोपी गिरफ्तार, घरघोड़ा पुलिस ने भेजा रिमांड पर

    राजधानी टाइम्स छत्तीसगढ़ :-रायगढ़। सहकारी समिति टेण्डा नावापारा में सहायक समिति प्रबंधक मनोज गुप्ता के साथ मिलकर किसानों के नाम पर बोगस धान खरीदी कर करोड़ों रुपये का गबन करने वाले फरार आरोपित मुकेश यादव (कंप्यूटर ऑपरेटर) को घरघोड़ा पुलिस ने गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा है। इस घोटाले में तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।
    मामला उस समय उजागर हुआ जब दिनांक 25 फरवरी 2025 को जिला खाद्य अधिकारी रायगढ़ द्वारा गठित जांच दल—खाद्य निरीक्षक घरघोड़ा और सहकारिता निरीक्षक घरघोड़ा—ने टेण्डा नावापारा स्थित धान उपार्जन केंद्र की जांच की। जांच में पाया गया कि केंद्र में 7159.60 क्विंटल धान, 4108 नग खाली नया बारदाना, 426 नग मिलर बारदाना और 1854 नग पीडीएस बारदाना का अभाव था। समिति को कुल 2 करोड़ 26 लाख 62 हजार 560 रुपये की आर्थिक क्षति का अनुमान लगाया गया।
    प्रकरण पर प्रार्थी विमल कुमार सिंह, अपेक्स बैंक तमनार, की रिपोर्ट पर थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 89/2025 धारा 316(5), 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच में यह सामने आया कि सहायक समिति प्रबंधक मनोज गुप्ता, कंप्यूटर ऑपरेटर मुकेश यादव और समिति भृत्य दिलीप राठिया ने मिलीभगत कर किसानों के नाम पर बोगस खरीदी दर्शाई और राशि का आपस में बंटवारा कर लिया।

  • Dhan kharidi news :-  पिछले साल धान बेचने वाले दो हजार किसानों का पंजीयन ही नहीं

    Dhan kharidi news :- पिछले साल धान बेचने वाले दो हजार किसानों का पंजीयन ही नहीं

    राजधानी टाइम्स छत्तीसगढ़ :- एग्रीस्टेक में जानकारी नहीं दे सके, जमीन के रिकॉर्ड में गफलत होने का अंदेशा

    रायगढ़। इस बार धान खरीदी के पहले किसानों का डाटा कई स्तरों पर फिल्टर किया जाएगा। एग्रीस्टेक में पंजीयन के आधार पर ही धान बेच सकेंगे। बताया जा रहा है कि करीब दो हजार किसान ऐसे हैं, जिन्होंने पिछले साल धान बेचा है लेकिन इस बार पंजीयन नहीं हो पा रहा है। हर साल अरबों का धान खरीदने वाली सरकार को उठाव के बाद भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इस बार नुकसान कम करने के लिए पंजीयन को सख्त किया गया है। एग्रीस्टेक पंजीयन में किसान की पूरी जानकारी डाली जा रही है। डिजिटल क्रॉप सर्वे से उसके खेत में जाकर फोटो सहित एंट्री की जा रही है

    तीसरा राजस्व विभाग और कृषि विभाग द्वारा गिरदावरी की जा रही है। इनके रिकॉर्ड मिलान करने के बाद एक डाटा मिलेगा जो तकरीबन सही होगा। इसके हिसाब से धान खरीदा जाएगा। पिछले साल धान बेचने वाले किसानों का पंजीयन एग्रीस्टेक में ही अलग से हो रहा है। रायगढ़ जिले में वर्ष 24-25 में 73295 किसानों ने धान बेचा था। इसमें से 71203 का पंजीयन हो चुका है। 2092 किसान ऐसे हैं जिनका पंजीयन नहीं हो पा रहा है। अभी भी इनकी व्यक्तिगत जानकारी में सबकुछ मिलान नहीं हो पा रहा है। भूमि के संबंध में किसान की जानकारी अधूरी है। इसलिए इतने किसान पंजीयन से बच गए हैं।

    केवल स्वयं की जमीन की ही एंट्री

    सबसे बड़ी दिक्कत उन जमीनों की है जिनको किसान अधिया, रेगहा में लेकर खेती करते हैं। इसके अलावा वन अधिकार पट्टे और बिना नाम दुरुस्ती के कृषि कार्य करने वाले भी हैं। तकनीकी रूप से इन जमीनों के पट्टे में किसान का नाम नहीं होता। इसलिए पंजीयन में सख्त नियम बनाए गए हैं। बिना एग्रीस्टेक पंजीयन के कोई किसान धान नहीं बेच सकेगा।

  • Kotwali police Raigarh  :-कोतवाली पुलिस ने किया सुने मकान से नौ लाख की चोरी का खुलासा, दो आरोपी सलाखों के पीछे

    Kotwali police Raigarh :-कोतवाली पुलिस ने किया सुने मकान से नौ लाख की चोरी का खुलासा, दो आरोपी सलाखों के पीछे

    राजधानी टाइम्स छत्तीसगढ़ :-आरोपियों से चोरी सोने-चांदी के जेवरात, सोने का बिस्किट बरामद

    रायगढ़, 30 सितंबर । कोतवाली पुलिस ने मधुबनपारा के सुने मकान में हुई बड़ी चोरी का पर्दाफाश करते हुए एक चोर और चोरी का सोना छिपाने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने मकान से नकदी और सोने-चांदी के जेवरात समेत करीब नौ लाख रुपये की संपत्ति चोरी की थी। मामले में फरार दो आरोपी पहले से ही अन्य प्रकरण में जेल में निरुद्ध हैं।

    जानकारी के अनुसार, 24 सितंबर को मधुबनपारा निवासी श्रीमती आरजू बानो मल्लिक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 अगस्त को वह अपने मायके जिंदल पतरापाली गई थीं और 21 सितंबर की शाम जब लौटीं तो घर का ताला टूटा हुआ मिला। सीसीटीवी कैमरों के वायर काटे गए थे और आलमारी का लॉकर टूटा पाया गया। जांच में सामने आया कि घर से चार सोने के हार, तीन अंगूठियां, चार कान के सेट, चार जोड़ी चांदी की पायल, एक आईफोन 16 प्रो मैक्स और दो लाख रुपये नकद समेत करीब नौ लाख रुपये की चोरी हुई है। इस पर कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 491/2025 धारा 305, 331(4) बीएनएस अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।

    पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल की टीम ने जांच तेज की। मुखबिर सूचना पर संदेही इकराम खान और मोह. समीर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें इकराम ने अपने साथी साबिर उर्फ बाटली और सद्दाम मल्लिक के साथ चोरी करना स्वीकार किया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी साबिर उर्फ बाटली के भाई मोह. समीर ने चोरी का सोना छिपाया था। मामले में धारा 317 (2), 317(5), 3 (5) बी.एन.एस. बढ़ाया गया । पुलिस ने आरोपियों से एक सोने का हार, एक बिस्किट, एक अंगूठी और चार जोड़ी चांदी की पायल समेत करीब तीन लाख रुपये का माल जब्त किया है।

    गिरफ्तार आरोपियों में (1) इकराम खान पिता सुलेमान खान उम्र 29 वर्ष निवासी तुर्कापारा पैलेश रोड, रायगढ़ और (2) मोह. समीर पिता स्व. मोह. मुनीर उम्र 40 वर्ष निवासी तुर्कापारा पैलेश रोड, रायगढ़ शामिल हैं। वहीं चोरी में शामिल साबिर उर्फ बाटली और सद्दाम मल्लिक इस समय चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के आबकारी प्रकरण में जेल में निरुद्ध हैं। कार्रवाई में निरीक्षक सुखनंदन पटेल, प्रधान आरक्षक लोमेश राजपूत, आरक्षक कमलेश यादव और विनोद शर्मा की अहम भूमिका रही।

  • Raigarh police :-रायगढ़ पुलिस ने किया संगठित बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, 18 आरोपी गिरफतार, चोरी की 52 दुपहिया बरामद

    Raigarh police :-रायगढ़ पुलिस ने किया संगठित बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, 18 आरोपी गिरफतार, चोरी की 52 दुपहिया बरामद

    राजधानी टाइम्स छतीसगढ़ रायगढ़:-    ₹40 लाख से अधिक कीमत के चोरी बाइक की रायगढ़ के अलग-अलग इलाकों और सीमावर्ती जिलों से बरामदगी

    ● साप्ताहिक बाजार, हॉस्पिटल, मंदिर के पास खड़ी बाइक पर होती थी आरोपियों की निगाह

    ● मास्टर की से चुरा ले जाते थे बाइक, साइबर सेल की रडार पर था गिरोह का मास्टर माइंड
    रायगढ़, 23 सितंबर । रायगढ़ एसपी  दिव्यांग कुमार पटेल के कुशल नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस को बाइक चोरी करने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करने में बड़ी सफलता हाथ लगी है, एसपी रायगढ़ द्वारा गठित साइबर सेल और विभिन्न स्थानों की विशेष टीम ने बाइक चोर राजा खान समेत 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है आरोपियों से चोरी की 52 दुपहिया वाहन जप्त की गई है जिनका वर्तमान में बाजार मूल्य 40 लाख रुपए से अधिक है ।

    रायगढ़ के इतवारी बाजार, केजीएच और श्याम मंदिर के पास से लगातार हो रही बाइक चोरी को गंभीरता से लेते हुए एसपी श्री दिव्यांग पटेल ने साइबर सेल और शहर के थानों को पुराने बाइक चोर की गतिविधियों पर निगाह रखना निर्देशित किया गया था जिस पर साइबर सेल की टीम बाइक चोरी में गिरफ्तार आरोपियों पर निगाह रखे हुए थे और पिछले दिनों बाइक चोर राजा खान को एक बिना नंबर बाइक के साथ संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया जिससे विस्तृत पूछताछ में उसने पिछले कुछ समय के अंतराल में रायगढ़ के इतवारी बाजार, केजीएच, हॉस्पिटल, श्याम मंदिर, संजय मार्केट, किरोड़ीमल क्षेत्र, पुसौर तथा सक्ती, हसौद, सारंगढ थाना क्षेत्र से अपने साथियों के साथ मिलकर बड़ी संख्या में बाइक चोरी करना बताया। आरोपी के इस खुलासे पर एसपी दिव्यांग पटेल ने साइबर डीएसपी अनिल विश्वकर्मा के सुपरविजन में साइबर सेल, थाना कोतवाली, कोतरारोड़, जूटमिल, पुसौर, लैलूंगा स्टाफ की विशेष टीम गठित की और गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी और चोरी बाइक रिकवरी में लगाए। विशेष टीम ने राजा खान और उसके 17 साथियों को अलग-अलग थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर चोरी की 52 दुपहिया वाहन बरामद की है।

    प्रारंभिक जांच में बरामद बाइक में 21 बाइक पर रायगढ़ जिले में एफआईआर दर्ज मिले तथा 2 बाइक पर जिला सक्ती और एक चोरी बाइक में जिला सारंगढ़ में एफआईआर दर्ज है ।

    आरोपी राजा खान का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड है जो चोरी के मामले में धरमजयगढ़ और बरमकेला गिरफ्तार हो चुका है आरोपी ने बताया कि वह आसानी से बिक्री होने वाली एचएफ डीलक्स स्प्लेंडर प्लैटिना बाइक चोरी में दिलचस्पी रखता था जिसे ये मास्टर की से लॉक खोलकर चुराया करता था ।
    गिरफ्तार आरोपी –
    1. राज उर्फ राजा खान पिता अली खान उम्र 34 साल निवासी कोडपाली थाना पुसौर जिला रायगढ़ हाल पता लाखा थाना कोतवाली जिला रायगढ
    2. अजय कुमार साहू पिता कृष्ण कुमार साहू उम्र 21 वर्ष निवासी खजरी थाना केडार जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़
    3. अर्जुन महिलाने पिता बाबू लाल महिलाने उम्र 25 वर्ष निवासी भदरा (बालपुर रोड) थाना कोसीर जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़
    4. मेमसाय साहू पिता मन्दरू लाल साहू उम्र 20 वर्ष निवासी खजरी (सतनामी मोहल्ला) थाना केडार जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़
    5. भानुप्रताप खूंटे पिता मनोहर लाल खूंटे उम्र 22 वर्ष निवासी हीरी थाना सिटी कोतवाली सारंगढ़ जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़
    6. लक्ष्मण दास महंत उर्फ छोटे पिता समारू दास महंत उम्र 23 वर्ष निवासी पटारीपाली (नीचे मोहल्ला) थाना केडार जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़
    7. देवकुमार भारद्वाज पिता दुजेराम भारद्वाज उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम मेढ़ापाली थाना डभरा जिला सक्ती
    8. उसत दास महंत पिता गुलाब दास महंत उम्र 23 साल निवासी सारसमाल थाना लैलूंगा
    9. नरेंद्र पैंकरा पिता कमल पैंकरा उम्र 21 साल बरसा बहार थाना लैलूंगा
    10. रोहित सारथी पिता पिंटू सारथी 19 साल वार्ड नंबर 1 लैलूंगा
    11. जयराम चौहान, 12. हिदायत खान, 13. मुकेश दास, 14. किशन बंजारे, 15. रामा कोसले, 16. शोभाराम यादव, 17. देव पैंकरा (घरघोड़ा अपराध में जेल दाखिल) 18. छतर राठिया (घरघोड़ा अपराध में जेल दाखिल)

    बरामद संपत्ति-
    कुल 52 दुपहिया वाहन कीमती करीब 40 लाख रूपये ।
    (38 एफएच डिलक्स बाइक, 9 स्पेलेण्डर, 4 प्लेटिना और 1 एक्टिवा 6G स्कुटी)

    दर्ज एफआईआर-
    कोतवाली रायगढ़-7, पुसौर-4, चक्रधरनगर-3, जूटमिल-2, धरमजयगढ़-2,
    घरघोड़ा-1, कोतरारोड़-1, खरसिया-1, सारंगढ़-1, हसौद-1, सक्ती-1

    पुलिस अधीक्षक  दिव्यांग कुमार पटेल के दिशा निर्देशन तथा एडिशनल एसपी  आकाश मरकाम, डीएसपी (साइबर सेल)  अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन पर साइबर सेल की टीम के प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, दुर्गेश सिंह, बृजलाल गुज्जर आरक्षक – प्रशांत पण्डा, महेश पण्डा, पुष्पेंद्र जाटवर, विकास प्रधान, प्रताप बेहरा, रविन्द्र गुप्ता, सुरेश सिदार, धनन्जय कश्यप गजेंद्र प्रधान, सुलेमान तिग्गा, सुरेन्द्र एवं थाना कोतवाली, चक्रधरनगर, जूटमिल, कोतरारोड, पुसौर और घरघोड़ा स्टाफ की अहम भूमिका रही है ।

  • Chhattisgarh New CS Appointment : छत्तीसगढ़ को आज मिल सकता है नया मुख्य सचिव, पिंगुआ या सुब्रत रेस में सबसे आगे, दोपहर 12 बजे कैबिनेट बैठक में फैसला संभव

    Chhattisgarh New CS Appointment : छत्तीसगढ़ को आज मिल सकता है नया मुख्य सचिव, पिंगुआ या सुब्रत रेस में सबसे आगे, दोपहर 12 बजे कैबिनेट बैठक में फैसला संभव

    Chhattisgarh New CS Appointment : छत्तीसगढ़ सरकार की मंत्रिपरिषद  (Chhattisgarh New CS Appointment) की अहम बैठक 30 जून को दोपहर 12 बजे महानदी भवन (मंत्रालय) में बुलाई गई है। इस बैठक में सेवानिवृत्त हो रहे मुख्य सचिव अमिताभ जैन को औपचारिक विदाई दी जाएगी। वहीं, अगले मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर चल रही अटकलों के बीच राज्यपाल से मुख्यमंत्री की अचानक हुई मुलाकात ने प्रशासनिक हलकों में नई सरगर्मी पैदा कर दी है। माना जा रहा है कि मनोज पिंगुआ या सुब्रत साहू में से किसी एक के नाम पर मोहर लग सकती है। दोनों अधिकारी वरिष्ठ, अनुभवी और छत्तीसगढ़ प्रशासन में मजबूत पकड़ रखने वाले माने जाते हैं।

    मनोज पिंगुआ का नाम रेस में सबसे आगे Chhattisgarh New CS Appointment

    1994 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनोज कुमार पिंगुआ को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। सूत्रों के अनुसार, उनके नाम पर सहमति बन चुकी है और कैबिनेट बैठक के बाद उनके नाम की औपचारिक घोषणा की जा सकती है। जानकारी के मुताबिक, हाल ही में पिंगुआ दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मिले थे, जिसके बाद से उनकी नियुक्ति की संभावना और प्रबल मानी जा रही है।

    मनोज पिंगुआ की छवि साफ-सुथरी, मृदुभाषी और संयमित प्रशासनिक अधिकारी के रूप में है। मुख्यमंत्री सचिवालय की पहली पसंद भी वे ही हैं। वर्तमान में वे गृह एवं जेल विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं, साथ ही छत्तीसगढ़ आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं।

    अपने सेवाकाल के दौरान पिंगुआ जांजगीर-चांपा, सरगुजा और धमतरी जिलों के कलेक्टर रहे हैं। विशेष रूप से जांजगीर-चांपा जिले के गठन के बाद वे उसके दूसरे कलेक्टर बने थे। वे व्यावसायिक परीक्षा मंडल और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2014 में वे केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर प्रतिनियुक्ति पर गए और 2016 में वापसी के बाद कई महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार संभाला।

    सुब्रत साहू भी प्रबल दावेदार  Chhattisgarh New CS Appointment

    1992 बैच के आईएएस सुब्रत साहू का नाम भी नए मुख्य सचिव पद के लिए प्रमुखता से उभर कर सामने आया है। सुब्रत साहू वर्तमान में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं और सरकार की रामलला तीर्थ यात्रा योजना के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभा रहे हैं। एक प्रतिष्ठित सर्वे में उन्हें देश के 50 प्रभावशाली आईएएस अधिकारियों में शामिल किया गया था। मुख्य सचिव के लिए उन्हें दूसरी प्रमुख पसंद माना जा रहा है।

    चर्चा में अन्य अधिकारी भी (Chhattisgarh New CS Appointment)

    मुख्य सचिव पद के लिए दौड़ में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं:

    सुबोध सिंह : केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे, वर्तमान में मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रमुख सचिव

    रेणु पिल्ले : 1991 बैच की आईएएस, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की एसीएस

    ऋचा शर्मा : 1994 बैच, वन एवं जलवायु परिवर्तन की एसीएस

    निधि छिब्बर : 1994 बैच, केंद्र में फूड प्रोसेसिंग विभाग की सचिव

    विकासशील : 1994 बैच, एशियन डेवलपमेंट बैंक में कार्यरत

     

    स्थायी DGP की नियुक्ति पर भी निगाहें

    वर्तमान में छत्तीसगढ़ के डीजीपी का कार्यभार अरुण देव गौतम संभाल रहे हैं, लेकिन वे अस्थायी नियुक्ति पर हैं। उनके व्यवहार, कार्यशैली और राजनीतिक व प्रशासनिक स्वीकार्यता के चलते माना जा रहा है कि उन्हें ही स्थायी डीजीपी के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। प्रदेश का रिकॉर्ड भी ऐसा ही रहा है—जो अस्थायी प्रभारी रहा है, उसे ही बाद में स्थायी जिम्मेदारी सौंपी गई। गौतम की कार्यशैली को लेकर अब तक कोई विवाद नहीं रहा है, और वे राजनेताओं तथा अधीनस्थों की पहली पसंद (Chhattisgarh New CS Appointment)  के रूप में उभरकर आए हैं।

     

     

  • Balrampur Highway Proposal : अम्बिकापुर-रामानुजगंज कॉरीडोर पर 596 करोड़ की मंजूरी, बलरामपुर शहर से हटेगा ट्रैफिक का बोझ, 10 किमी फोरलेन बायपास की तैयारी

    Balrampur Highway Proposal : अम्बिकापुर-रामानुजगंज कॉरीडोर पर 596 करोड़ की मंजूरी, बलरामपुर शहर से हटेगा ट्रैफिक का बोझ, 10 किमी फोरलेन बायपास की तैयारी

    Rajdhani Times CG : छत्तीसगढ़ के कृषि विकास एवं आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्री रामविचार नेताम  ने (Balrampur Highway Proposal)  नागपुर, महाराष्ट्र में केंद्रीय सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ के उत्तर अंचल में हो रहे राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यों की प्रगति, चुनौतियों और संभावनाओं पर ध्यान आकर्षित किया। विशेष रूप से अम्बिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-343 कॉरीडोर को लेकर राज्य सरकार की सक्रियता साफ नजर आई।

    मंत्री ने अवगत कराया कि इस मार्ग के कॉरीडोर निर्माण हेतु केंद्र सरकार द्वारा 397.44 करोड़ एवं 199.05 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह राजमार्ग अम्बिकापुर से शुरू होकर रामानुजगंज होते हुए झारखंड को जोड़ता है, जो अंतर्राज्यीय वाणिज्य, नागरिक यातायात और सरकारी स्तर के दौरे-यात्राओं का प्रमुख माध्यम है।

    उल्लेखनीय है कि यह मार्ग बलरामपुर जिला मुख्यालय के बीचोंबीच से होकर गुजरता है। दोनों ओर घनी आबादी, बाजार व रिहायशी इलाकों से घिरा होने के कारण भारी वाहनों की आवाजाही के चलते लगातार जाम, ट्रैफिक अवरोध और दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आती रहती हैं। मौजूदा स्थिति से निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार ने बलरामपुर में 10 किलोमीटर लंबे फोरलेन बायपास (Balrampur Highway Proposal)  मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को सौंपा है।

    बायपास मार्ग की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया गया कि इससे न केवल आम नागरिकों के लिए आवागमन सुरक्षित और सुगम होगा, बल्कि वाणिज्यिक गतिविधियों, सड़क सुरक्षा और पर्यावरण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण सुधार आएगा। यह बायपास न सिर्फ बलरामपुर शहर को ट्रैफिक दबाव से मुक्त करेगा, बल्कि NH-343 की यात्रा गति और गुणवत्ता को भी बेहतर बनाएगा।

     

    नेताम ने गडकरी के सामने रखा ये प्रस्ताव  Balrampur Highway Proposal

    इसी भेंट में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ‘भारत माला परियोजना‘ के तहत उत्तर छत्तीसगढ़ को पूर्व भारत से जोड़ते हुए रायपुर–बिलासपुर–अम्बिकापुर–वाड्रफनगर–वाराणसी (बनारस) तक एक सशक्त सड़क नेटवर्क का निर्माण हो। इससे छत्तीसगढ़ के नागरिकों को उत्तर-दक्षिण एवं पूर्व-पश्चिम दिशा में स्थित सभी बड़े महानगरों — जैसे वाराणसी, लखनऊ, कोलकाता, मुंबई, विशाखापट्टनम — तक सीधा, तीव्र और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा।

    रायपुर–बनारस लिंक में शामिल करने की मांग Balrampur Highway Proposal

    मंत्री ने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि भारत माला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तक का मार्ग लगभग पूर्णता के कगार पर है, जिससे दक्षिण भारत और मुंबई जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों से संपर्क बहुत सरल और समयबद्ध होगा। इस मार्ग से दक्षिण भारत के बंदरगाहों और उद्योग क्षेत्रों के लिए छत्तीसगढ़ का व्यापार व लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और सशक्त हो सकेगा।

     

    बलरामपुर फोरलेन बायपास (Balrampur Highway Proposal) मार्ग और भारतमाला के तहत प्रस्तावित रायपुर–बनारस लिंक के लिए उन्होंने केंद्र सरकार से शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया, साथ ही यह भी कहा कि इन प्रस्तावों पर अमल से छत्तीसगढ़ का व्यापक विकास सुनिश्चित होगा और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की मजबूती से रोजगार, निवेश और संपर्क के नए द्वार खुलेंगे।

     

  • Teacher Suspension : बुक डिलीवरी के 4 दिन बाद भी नहीं बंटीं किताबें, संकुल समन्वयक निलंबित

    Teacher Suspension : बुक डिलीवरी के 4 दिन बाद भी नहीं बंटीं किताबें, संकुल समन्वयक निलंबित

    संजय चौधरी, Education Department Chhattisgarh : शिक्षा विभाग के बुक स्कैनिंग कार्य में (Teacher Suspension) लापरवाही बरतने के आरोप में संकुल समन्वयक मनबोध नंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। रायपुर संभागीय संयुक्त संचालक राकेश कुमार पाण्डेय के निर्देश पर सहायक संचालक उषा किरण खलखो और सुरेखा थानथराट ने संकुल केंद्र भूकेल का आकस्मिक निरीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान मनबोध नंद, जो मूल रूप से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पौसरा (विकासखंड बसना, महासमुंद) में पदस्थ शिक्षक हैं, से पूछताछ में यह सामने आया कि उन्होंने पुस्तक वितरण में चार दिनों की देरी की और 8 विद्यालयों में अब तक स्कैनिंग कार्य शुरू ही नहीं हुआ है।

    साथ ही, 25 जून को आयोजित ऑनलाइन समीक्षा बैठक में भी वे अनुपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि पाठ्यपुस्तकों की डिलीवरी 21 जून को प्राप्त हो चुकी थी, लेकिन वितरण 25 जून को किया गया। यह देरी, विभागीय दिशा-निर्देशों की अवहेलना और स्कैनिंग कार्य में निष्क्रियता को गंभीर कदाचार और अनुशासनहीनता की श्रेणी में पाया गया।

    धमतरी जिले में किया गया अटैच (Teacher Suspension)

    इन सभी कृत्यों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 के प्रतिकूल मानते हुए, संभागीय संयुक्त संचालक ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्रोत समन्वयक की रिपोर्ट के आधार पर मनबोध नंद को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9(1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित (Teacher Suspension) कर दिया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा और उनका मुख्यालय अब कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी मगरलोड, जिला धमतरी नियत किया गया है।

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  • Kotra Kosamdeeh Road : 717 लाख की लागत से बनी कोतरा-कोसमडीह सड़क दो साल में दरकी, पुल में भी गड़बड़ी उजागर

    Kotra Kosamdeeh Road : 717 लाख की लागत से बनी कोतरा-कोसमडीह सड़क दो साल में दरकी, पुल में भी गड़बड़ी उजागर

    गजानंद निषाद, Baramkela News : लोक निर्माण विभाग (PWD) सेतु निर्माण संभाग रायगढ़ के अंतर्गत आने वाले बरमकेला विकासखंड के (Kotra Kosamdeeh Road) कोतरा-कोसमडीह पहुंच मार्ग की हालत महज दो साल में ही दयनीय हो गई है। वर्ष 2022-23 में लगभग 717.34 लाख रुपये की लागत से इस मार्ग के 2/6 किलोमीटर हिस्से में किंकारी नाला पर पुल व सड़क निर्माण कराया गया था। लेकिन आज की स्थिति ये है कि डामरीकृत सड़क में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं और ऊपरी परतें उखड़ने लगी हैं, जिससे आवागमन में ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

     

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    ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क निर्माण (Kotra Kosamdeeh Road) के बाद ही डामर में दरारें नजर आने लगी थीं। जब इस पर सवाल उठे तो निर्माण एजेंसी ने दोबारा डामर डालकर मरम्मत करने का प्रयास किया। लेकिन यह मरम्मत भी महज “लीपापोती” साबित हुई। वर्तमान में कोतरा से लेकर किंकारी नाला तक तीन से चार स्थानों पर मुख्य सड़क के बीचोबीच दरारें साफ दिख रही हैं, वहीं सड़क किनारों पर भी अलग से दरारें पड़ चुकी हैं।

    सबसे चिंताजनक स्थिति किंकारी नाला को पार कर कोसमडीह की ओर जाने वाले हिस्से की है, जहां सड़क दो स्थानों पर दबकर बैठ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि दो बार डामर चढ़ाए जाने के बावजूद आवागमन में परेशानी बरकरार है।

    पुल निर्माण में भी गड़बड़ी उजागर  (Kotra Kosamdeeh Road)

    कोतरा और कोसमडीह गांव के बीच बहने वाले किंकारी नाला पर भी इसी निर्माण एजेंसी ने पुल बनाया था। उद्घाटन से पहले ही पुल के कोतरा की ओर चार जगहों पर दीवारों में दरारें आ गईं, वहीं कोसमडीह की ओर किए गए पेचिंग कार्य में ऊबड़-खाबड़ सतह साफ नजर आ रही है। दोनों छोरों पर जोड़ों का समतल न होना, निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

    विधायक ने उठाई जांच की मांग (Kotra Kosamdeeh Road)

    इस पूरे मामले से नाराज सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए PWD रायपुर के सचिव को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। विधायक का कहना है कि सड़क के दोनों ओर धंसाव, दरारें और असमय फटना यह दर्शाता है कि निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई है। पुल निर्माण में भी वही गड़बड़ी सामने आई है, इसके बावजूद अब तक किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई नहीं होना चिंता का विषय है।

     

    ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

    “दो साल पहले बना डामर सड़क में जगह जगह पर दरारें आ गई हैं। संबंधित विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार ने मानक गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया, इसलिए समय से पहले ही सड़क खराब हो गई है।”
    – अक्षय सिदार, ग्रामीण, कोतरा

    “दोनों गांव के बीच किंकारी नाला पर पुल निर्माण किया गया है। इस नये पुल के नीचे मरम्मत कराकर उद्घाटन कराया गया। पेचिंग और दीवार में दरारें पहले से मौजूद थीं।”
    – सेतकुमार यादव, ग्रामीण, कोसमडीह