RTO Corruption : राजधानी रायपुर में भ्रष्टाचार (RTO Bribery Raipur) के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) के एक डेटा एंट्री ऑपरेटर को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई आरटीओ भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी चोट है।
जानकारी के अनुसार, आरटीओ कार्यालय में पदस्थ डेटा एंट्री ऑपरेटर शोभा राम देवांगन ने एक फाइनेंस कंपनी की गाड़ी का नाम ट्रांसफर कराने के एवज में 15 हजार रुपये की रिश्वत (RTO Bribery Raipur) मांगी थी। यह मामला दिखाता है कि आरटीओ दफ्तरों में आरटीओ क्ररप्शन की जड़ें कितनी गहरी हैं। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एसीबी को दी, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाया।
एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी को 14 हजार रुपये रिश्वत (RTO Bribery Raipur) लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि संबंधित गाड़ी चोला मंडलम फाइनेंस से जुड़ी थी, जिसके कागजात तैयार करने के नाम पर आरोपी पैसे ले रहा था। इस घटना ने सरकारी विभागों की साख पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है।
एसीबी कर रही पूछताछ RTO Bribery Raipur
कार्रवाई के दौरान एसीबी की टीम ने मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ की जा रही है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार के किसी भी मामले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इस घटना के बाद आरटीओ कार्यालय में अन्य कर्मचारियों के बीच भी खौफ का माहौल है। आरटीओ Corruption (आर टी ओ भ्रष्टाचार) को खत्म करने के लिए सरकार को और भी सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
रिश्वत मांगने की शिकायतें लगातार RTO Bribery Raipur
आरटीओ कार्यालयों में आरटीओ Corruption (आर टी ओ भ्रष्टाचार) का यह कोई पहला मामला नहीं है। अक्सर वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य सेवाओं के बदले रिश्वत मांगे जाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। इस बार एसीबी की त्वरित कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया है। उम्मीद है कि इस तरह की कार्रवाइयां आरटीओ Corruption (आर टी ओ भ्रष्टाचार) को काफी हद तक नियंत्रित करने में मदद करेंगी और सरकारी सेवाओं को आम लोगों के लिए अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाएंगी।

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