Chhattisgarh Paddy Purchase News : बलौदाबाजार जिले में जारी धान खरीदी (Paddy Procurement Scam) व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अनियमितता और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। छेरकापुर उपार्जन केंद्र में सत्यापन के दौरान गंभीर गड़बड़ी सामने आने पर दो कर्मियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है, जबकि अन्य केंद्रों में भी दोषी कर्मचारियों को धान खरीदी कार्य से पृथक किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छेरकापुर उपार्जन केंद्र (Paddy Procurement Scam) में किसान माखन सेन, पिता डेरा सेन द्वारा लाए गए 226 कट्टा धान को पावती में फर्जी तरीके से 282 कट्टा दर्शाया गया था। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि 56 कट्टा अतिरिक्त धान अवैध रूप से खपाने का प्रयास किया जा रहा था। इस पूरे मामले में केंद्र के कर्मचारी पंचू राम घृतलहरे और कल्याण वर्मा की संलिप्तता सामने आने के बाद प्रशासन ने दोनों को सेवा से पृथक करने का निर्णय लिया।
इसी क्रम में खैरा समिति के अंतर्गत धान खरीदी (Paddy Procurement Scam) कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने पर समिति के प्रबंधक को भी उपार्जन केंद्र से पृथक कर दिया गया है। साथ ही इस मामले में आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, केंद्रीय सहकारी बैंक (सीसीबी) रायपुर को पत्र प्रेषित किया गया है।
जांच के दौरान कसडोल और सिंगारपुर उपार्जन केंद्रों (Paddy Procurement Scam) में भी नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए हैं। यहां बिना किसी भौतिक परीक्षण के टोकन में संशोधन किए जाने की शिकायत सही पाई गई। इसके बाद संबंधित कंप्यूटर ऑपरेटरों को तत्काल प्रभाव से धान खरीदी कार्य से मुक्त कर दिया गया है।
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से जिले के सभी उपार्जन केंद्रों (Paddy Procurement Scam) में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, फर्जीवाड़ा या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों के हितों की रक्षा और सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आगे भी सतत निगरानी रखी जाएगी और दोषी पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।









