RAIGARH News : जिंदल समूह के संस्थापक ओमप्रकाश जिंदल की पुण्यतिथि (OP Jindal Death Anniversary) पर उन्हें श्रद्धा, सम्मान और सेवा भाव के साथ याद किया गया। इस अवसर पर जिंदल स्टील रायगढ़ सहित देश-विदेश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर उनके योगदान और विचारों को स्मरण किया गया।
इस अवसर (OP Jindal Death Anniversary) पर संयंत्र परिसर के साथ-साथ रायगढ़ शहर और आसपास के गांवों में भी अनेक सेवामूलक गतिविधियों का आयोजन हुआ। सर्वधर्म प्रार्थना सभा, गीता पाठ और जनकल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में एकता और सेवा का संदेश दिया गया।
कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह जिंदल स्टील लिमिटेड, रायगढ़ संयंत्र परिसर में स्थित ओमप्रकाश जिंदल की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस दौरान कंपनी के कार्यपालन निदेशक देबोज्योति रॉय, एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट संजीव चौहान, एचआर प्रमुख प्रवीण जॉर्ज सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके पश्चात मंदिर प्रांगण में पूरे दिन गीता पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
सद्भाव और एकता का दिया संदेश
जिंदल आशा केंद्र में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा (OP Jindal Death Anniversary) इस दिन का मुख्य आकर्षण रही। इसमें विभिन्न धर्मों के गुरुओं ने भाग लेकर शांति, सद्भाव और एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित विशेष बच्चों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कार्यपालन निदेशक देबोज्योति रॉय ने प्रेरणादायक विचार साझा किए।
उन्होंने कहा कि जीवन में निरंतर सीखना ही आगे बढ़ने का मार्ग है और बाबूजी का जीवन इसका सर्वोत्तम उदाहरण है। उन्होंने ओपी जिंदल के दृष्टिकोण को याद करते हुए कहा, “जहां अन्य लोग दीवारें देखते हैं, वहां बाबूजी ने हमेशा नए अवसरों के द्वार देखे।” उनके ये शब्द उपस्थित लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।
इस कार्यक्रम (OP Jindal Death Anniversary) में एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट संजीव चौहान ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि बाबूजी का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण की मिसाल है, जिसे हर व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को शिक्षा और आत्मविश्वास के महत्व के बारे में बताया।
सेवा दिवस के रूप में मनाया OP Jindal Death Anniversary
कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग द्वारा इस दिन को सेवा दिवस के रूप में मनाया गया। जिंदल आशा केंद्र, वृद्धाश्रमों और अनाथालयों में कई जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया गया। वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए गए, जहां चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाइयां भी वितरित की गईं।
इस सेवा पहल (OP Jindal Death Anniversary) के तहत जरूरतमंद लोगों को सहायता प्रदान की गई, जिससे बाबूजी के सेवा और मानवता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प लिया।
हर वर्ग तक मदद पहुंचाने का संकल्प
दिनभर चले इन आयोजनों ने यह साबित कर दिया कि ओपी जिंदल केवल एक उद्योगपति ही नहीं, बल्कि एक ऐसे समाजसेवी थे, जिनके विचार आज भी लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। उनके द्वारा शुरू किए गए सेवामूलक कार्य आज हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम (OP Jindal Death Anniversary) ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि समाज सेवा, एकता और मानवता ही किसी भी महान व्यक्तित्व की सच्ची पहचान होती है। जिंदल परिवार और संस्थान ने उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज के हर वर्ग तक मदद पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

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