Online Betting Racket : अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, दुबई कनेक्शन उजागर

रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने पेमेंट गेट-वे पैनल के जरिए करोड़ों रुपये के अवैध ऑनलाइन सट्टा कारोबार संचालित करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। दुबई कनेक्शन, क्रिप्टो ट्रांजेक्शन और म्यूल खातों के नेटवर्क ने साइबर अपराध के संगठित स्वरूप को उजागर किया।

By admin
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Online Betting Racket
Highlights
  • रायपुर पुलिस ने अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का किया भंडाफोड़
  • दुबई कनेक्शन और 431 म्यूल बैंक खातों का खुलासा
  • 46,500 USDT क्रिप्टो ट्रांजेक्शन और 22 लाख से अधिक का सामान जब्त

Raipur News : राजधानी रायपुर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा (Online Betting Racket) और डिजिटल पेमेंट गेट-वे के माध्यम से संचालित हो रहे बड़े अवैध नेटवर्क का खुलासा करते हुए पुलिस ने अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। एण्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की विशेष कार्रवाई में रायपुर और गोवा से कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह संगठित तरीके से ऑनलाइन सट्टा संचालन कर करोड़ों रुपये का अवैध लेन-देन कर रहा था।

इस पूरे मामले की निगरानी पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (वेस्ट जोन) संदीप पटेल के निर्देशन में की जा रही थी। तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल ट्रैकिंग और लगातार निगरानी के बाद पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली, जिसने राजधानी में सक्रिय साइबर अपराध (Online Betting Racket) के बड़े नेटवर्क का खुलासा कर दिया।

दुबई से लौटकर चला रहे थे सट्टा नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी प्रतीक कुमार वीधवानी और सैन्की देवड़ा हाल ही में दुबई से लौटे थे और रायपुर में बैठकर पेमेंट गेट-वे पैनल संचालित कर रहे थे। दोनों आरोपियों को न्यू राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र में मुक्तिधाम के पास एक चारपहिया वाहन से गिरफ्तार किया गया।

मोबाइल और डिजिटल डिवाइस की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी 23exch9.com, allpenalexch.com और 99.com जैसे ऑनलाइन बैटिंग प्लेटफॉर्म के मास्टर आईडी तैयार कर कमीशन पर बेचते थे। साथ ही विभिन्न राज्यों में चल रहे सट्टा पैनलों के लिए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से डिपॉजिट और विड्रॉल संचालन किया जाता था। यह पूरा नेटवर्क संगठित ऑनलाइन सट्टा संचालन (Online Betting Racket) का हिस्सा था।

Online Betting Racket गोवा से चल रहा था ऑपरेशन सेंटर

पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि गिरोह के अन्य सदस्य गोवा में किराए के मकान में ऑफिस बनाकर पेमेंट गेट-वे पैनल चला रहे थे। इसके बाद रायपुर पुलिस की टीम ने गोवा पहुंचकर छापेमारी की और वहां से पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार गिरोह तकनीकी रूप से प्रशिक्षित लोगों की मदद से डिजिटल पेमेंट सिस्टम का दुरुपयोग कर रहा था। इस तरह अंतर्राज्यीय स्तर पर फैला यह ऑनलाइन सट्टा संचालन (Online Betting Racket) लंबे समय से सक्रिय था।

431 म्यूल बैंक खातों से करोड़ों का ट्रांजेक्शन

जांच में यह भी सामने आया कि सट्टे की रकम को छिपाने के लिए गिरोह ने करीब 431 म्यूल बैंक खातों का उपयोग किया। इन खातों में अवैध रकम जमा कर अलग-अलग माध्यमों से निकासी की जाती थी ताकि ट्रांजेक्शन का स्रोत छिपाया जा सके।

पुलिस अब इन खातों से जुड़े मोबाइल नंबर और बैंकिंग गतिविधियों की विस्तृत जांच कर रही है। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन की पुष्टि हुई है, जिससे संगठित साइबर अपराध (Online Betting Racket) की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा रहा है।

क्रिप्टो करेंसी के जरिए विदेशों में पैसा ट्रांसफर

गिरोह की कार्यप्रणाली का सबसे अहम हिस्सा क्रिप्टो करेंसी का उपयोग था। आरोपी अवैध कमाई को यूएसडीटी (USDT) के रूप में क्रिप्टो वॉलेट में ट्रांसफर कर अंतरराष्ट्रीय पैनल संचालकों तक भेजते थे।

अब तक की जांच में 46,500 USDT यानी लगभग 42 लाख रुपये विदेशी नेटवर्क तक भेजे जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है ताकि पूरे ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क (Online Betting Racket) की जड़ तक पहुंचा जा सके।

22 लाख रुपये से अधिक का सामान जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी जब्त की। जब्त सामग्री में 24,600 रुपये नगद, 5 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 58 मोबाइल फोन और आईफोन, 12 एटीएम कार्ड, 3 राउटर, 4 बैंक पासबुक और एक बलेनो कार शामिल है। कुल जब्त मशरूका की कीमत लगभग 22,14,600 रुपये आंकी गई है। ये सभी उपकरण ऑनलाइन सट्टा संचालन (Online Betting Racket) में उपयोग किए जा रहे थे।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

आरोपियों के खिलाफ थाना न्यू राजेन्द्र नगर में अपराध क्रमांक 89/26 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की जांच में गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।

वर्ष 2026 में ACCU की लगातार कार्रवाई

एसीसीयू टीम वर्ष 2026 में अब तक ऑनलाइन सट्टे के पांच बड़े मामलों का खुलासा कर चुकी है। इन कार्रवाइयों में कुल 22 आरोपियों की गिरफ्तारी और करीब 2.14 करोड़ रुपये के मशरूका की जब्ती की जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल अपराधों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क (Online Betting Racket) पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

गिरफ्तार आरोपी

प्रतीक कुमार वीधवानी (38) – अमलीडीह, रायपुर
सैन्की देवड़ा (39) – अमलीडीह, रायपुर
धनंजय वैष्णव (33) – कोरबा
साकेत जगवानी (26) – बिलासपुर
प्रमोद कुमार ओरके (31) – कोरबा
प्रकाश चंद्र मिरी (33) – जांजगीर-चांपा
शंकर कुमार राम (37) – मधुबनी, बिहार

 

 

 

 

 

 


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