Ambikapur News : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी सख्त हो गई है। नर्सिंग होम एक्ट (Nursing Home Act Notice) के प्रावधानों का पालन नहीं किए जाने पर अम्बिकापुर स्थित एस.जे. हेल्थ केयर हॉस्पिटल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर विलास भोसकर के निर्देश पर गठित राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 30 अक्टूबर को मायापुर ठनगनपारा स्थित इस अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया था।
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निरीक्षण में मिली कई खामियां
निरीक्षण टीम में नायब तहसीलदार लकेश्वर सिरदार, नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत डॉ. राजेश भजगावली, और नोडल अधिकारी नर्सिंग होम एक्ट डॉ. पी.के. सिन्हा शामिल थे। जांच के दौरान यह पाया गया कि अस्पताल द्वारा नर्सिंग होम एक्ट (Nursing Home Act Notice) में निर्धारित नियमों, मापदंडों और मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा था। टीम ने कई प्रशासनिक और तकनीकी कमियां दर्ज कीं, जैसे आवश्यक लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्रों की अनुपलब्धता, स्टाफ की अधूरी पात्रता जानकारी और स्वच्छता एवं सुरक्षा मानकों का अभाव।
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3 दिन में मांगा गया जवाब
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने अस्पताल संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा है कि वे निरीक्षण में पाई गई कमियों पर तीन कार्य दिवसों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। यदि समय सीमा में जवाब नहीं मिला या उत्तर असंतोषजनक पाया गया तो नर्सिंग होम एक्ट (Nursing Home Act Notice) के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
कलेक्टर विलास भोसकर ने स्पष्ट किया कि सभी निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। आने वाले दिनों में अन्य निजी स्वास्थ्य संस्थानों का भी आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा। यदि किसी संस्थान में गंभीर अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो लाइसेंस निलंबन या रद्दीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग (Nursing Home Act Notice) के सूत्रों के अनुसार, प्रदेशभर में पंजीकृत नर्सिंग होम्स की नियमित जांच अब हर तिमाही की जाएगी। इसके अलावा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम भी लागू किया जा रहा है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।







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