e-KYC Verification : रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी (Mahtari Vandan Yojana Update) ‘महतारी वंदन योजना’ को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने योजना में पारदर्शिता लाने और केवल पात्र महिलाओं तक लाभ पहुँचाने के लिए सभी लाभार्थियों का ई-केवाईसी सत्यापन (e-KYC Verification) फिर से कराने का निर्णय लिया है।
इस नई व्यवस्था के तहत अब प्रदेश की लाखों महिलाओं को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जाकर अपनी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी। शासन का उद्देश्य उन विसंगतियों को दूर करना है जो योजना की शुरुआत में जल्दबाजी में हुए पंजीयन के कारण उत्पन्न हुई थीं।
तीन चरणों में पूरी होगी सत्यापन प्रक्रिया
विभाग ने ई-केवाईसी सत्यापन (e-KYC Verification) के लिए एक विस्तृत समय सारिणी जारी की है, ताकि केंद्रों पर भीड़ न हो और प्रक्रिया सुचारू रूप से चले।
प्रथम चरण (जारी) : सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से उन 4.25 लाख लाभार्थियों का सत्यापन किया जा रहा है जिनका प्रमाणीकरण शेष था। यह कार्य लगभग पूर्णता की ओर है।
द्वितीय चरण (1 अप्रैल से 30 जून) : यह सबसे बड़ा चरण है जिसमें शेष 65 लाख लाभार्थियों का ई-केवाईसी सत्यापन (e-KYC Verification) प्रदेश के 22,000 सीएससी केंद्रों और 4,564 अटल डिजिटल केंद्रों में नि:शुल्क किया जाएगा।
तृतीय चरण (1 जुलाई से 31 अगस्त) : जो महिलाएं निर्धारित समय में अपना सत्यापन नहीं करा पाएंगी, उन्हें बाल विकास परियोजना कार्यालय जाकर अपनी पहचान साबित करनी होगी।
क्यों पड़ी दोबारा सत्यापन की जरूरत Mahtari Vandan Yojana Update
मार्च 2024 में जब इस योजना की शुरुआत हुई थी, तब केवल आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी के आधार पर त्वरित पंजीयन कर लिया गया था। जांच में पाया गया कि:
कई महिलाओं ने आधार को बैंक खाते से लिंक नहीं कराया है।
बैंक अकाउंट नंबर और वैवाहिक स्थिति (विधवा, परित्यक्ता आदि) की गलत जानकारी दर्ज की गई है।
डेटाबेस में दर्ज नाम और आधार के नाम में विसंगतियां हैं।
अब, ई-केवाईसी सत्यापन (e-KYC Verification) के माध्यम से लाभार्थियों को बायोमेट्रिक डिवाइस पर अंगूठा (Thumb Impression) लगाकर अपनी पहचान साबित करनी होगी।
यदि डेटाबेस और बायोमेट्रिक पहचान में अंतर पाया जाता है, तो संबंधित लाभार्थी का भुगतान तत्काल प्रभाव से होल्ड कर दिया जाएगा।
CSC केंद्रों को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी e-KYC Verification
चूंकि महिला एवं बाल विकास विभाग के पास पर्याप्त संख्या में बायोमेट्रिक डिवाइस उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए राज्य सरकार ने ई-केवाईसी सत्यापन (e-KYC Verification) की जिम्मेदारी ‘सीएससी ई-गवर्नेंस इंडिया लिमिटेड’ को सौंपी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों की लॉगिन आईडी में उन लाभार्थियों की सूची अपलोड कर दी गई है जिनका सत्यापन होना है। ग्रामीण क्षेत्रों में अटल डिजिटल केंद्रों के माध्यम से भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ताकि महिलाओं को दूर न जाना पड़े।
महतारी वंदन योजना, अब तक का सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को शुरू की गई इस योजना ने प्रदेश की विवाहित महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में बड़ी भूमिका निभाई है। योजना की मुख्य उपलब्धियां इस प्रकार हैं
कुल किस्तें जारी : अब तक 25 सफल किस्तें भेजी जा चुकी हैं।
कुल वितरित राशि : लगभग 16,000 करोड़ रुपये।
हालिया भुगतान : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर से 641 करोड़ रुपये की राशि जारी की थी।
लाभार्थी : प्रदेश की लगभग 69.04 लाख पात्र महिलाएं।
इस योजना के तहत पात्र विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये (वार्षिक 12,000 रुपये) की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में निरंतर लाभ पाने के लिए समय पर ई-केवाईसी सत्यापन (e-KYC Verification) कराना अनिवार्य है।
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